वित्त वर्ष 25 में जीडीपी वृद्धि धीमी होकर 6.4 फीसदी रहने का अनुमान
मुंबई । भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि वित्त वर्ष 2024-25 में तेजी से धीमी होकर 6.4 फीसदी रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 8.2 फीसदी की वृद्धि से काफी कम है। यह वृद्धि दर चार साल का सबसे कम स्तर है और आरबीआई के 6.6 फीसदी अनुमान से भी नीचे है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में चिंता बढ़ रही है। इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के एक अर्थशास्त्री के अनुसार भारतीय जीडीपी में 6.4 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 24 में 7.2 फीसदी थी। यह महामारी के बाद से सबसे धीमी वृद्धि दर है और प्रमुख क्षेत्रों में मंथन को दर्शाता है। कृषि क्षेत्र में 3.8 फीसदी की वृद्धि, जबकि विनिर्माण, खनन, निर्माण और बिजली क्षेत्र में धीमी वृद्धि का अनुमान है। विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 9.9 फीसदी से कम है, जबकि खनन क्षेत्र में 2.9 फीसदी और निर्माण क्षेत्र में 8.6 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। इसका असर खासकर विनिर्माण क्षेत्र में देखा जा सकता है, जो धीमी अर्थव्यवस्था से प्रभावित हो सकता है। आगे चलकर विदेशी संस्थागत निवेशक का रुख भी प्रभावित हो सकता है, क्योंकि मंदी का डर और कंपनियों के मुनाफे में गिरावट का असर बाजार पर पड़ेगा।
महिलाओं से अश्लील बातें करने का आरोप, काजी आरिफ अली की जिम्मेदारी समाप्त
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवक से करवाया खास वादा, दिया आवास
Katni में अवैध तंबाकू कारोबार पर कार्रवाई, विदेशी सिगरेट बरामद
ममता बनर्जी का बड़ा दावा: शांति के लिए BJP को सत्ता से बाहर करना होगा, एकजुटता का आह्वान
सिर्फ 5000 रुपये में ट्रिप, 5 हिल स्टेशन जो हैं ऑफबीट
विश्व में हनुमान मंदिरों की यात्रा, चमत्कारिक अनुभव
MI में कप्तानी का बदलाव, हार्दिक पाटीदार के बिना मैच
Rahul Gandhi ने सरकार को घेरा, सरकारी इमारतों में चीनी कैमरों पर चिंता
ममता बनर्जी का बड़ा बयान: जांच एजेंसी की कार्रवाई पर उठाए सवाल
वैश्विक अलर्ट, 23 देशों में नया कोरोना स्ट्रेन फैल चुका