IND vs ENG: शिवम दुबे की जगह हर्षित राणा को कंकशन सब्सटीट्यूट पर मोर्ने मोर्कल ने दिया जवाब
IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज के चौथे मुकाबले के दौरान शिवम दुबे की जगह हर्षित राणा को कंकशन सब्सटीट्यूट के तौर पर शामिल किए जाने से क्रिकेट जगत में गहमागहमी का माहौल बन गया है। यह कदम तब उठाया गया जब शिवम पारी के बीच में हल्के सिरदर्द के लक्षण दिखाने के बाद मैदान से बाहर चले गए थे। कई क्रिकेट विशेषज्ञों और खिलाड़ियों ने इस विवाद पर अपनी राय दी है। इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने इस पर अपनी निराशा जाहिर की और इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी। इस बारे में भारत के गेंदबाज मोर्ने मोर्कल से भी पूछा गया, जिनका कहना था कि टीम केवल नाम को मैच रेफरी के पास भेज सकती है और अंतिम निर्णय उन्हीं का होता है।
राणा ने गेंदबाजी में किया कमाल
पुणे में खेले गए चौथे T20 मैच में यह घटना घटी, जब मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने हर्षित राणा को कंकशन सब्सटीट्यूट के तौर पर शिवम दुबे की जगह मैदान में भेजने की अनुमति दी। हर्षित राणा, जो नियमित रूप से 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से गेंदबाजी करते हैं, उनको इस अवसर पर मौके पर बुलाया गया। दिलचस्प यह है कि दुबे ने उनकी पिछली 23 T20 पारियों में, जब भी उन्होंने गेंदबाजी की, उन्होंने केवल दो बार ही अपने चार ओवर का कोटा पूरा किया था। जिससे यह साफ था कि वह गेंदबाजी में ज्यादा योगदान नहीं दे पाए थे।
क्या बोले टीम के गेंदबाजी कोच मोर्केल
मैच के बाद, मोर्केल ने बताया कि यह निर्णय केवल मैच रेफरी का था और टीम की भूमिका केवल नाम भेजने तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि हम केवल नाम आगे बढ़ाते हैं, निर्णय लेना मैच रेफरी का काम होता है। हर्षित राणा ने अपनी गेंदबाजी से अच्छा प्रदर्शन किया और अपने चार ओवरों में 33 रन देकर 3 विकेट लिए। इनमें इंग्लैंड के लियाम लिविंगस्टोन, जैकब बेथेल और जेमी ओवरटन के विकेट शामिल थे। हालांकि भारत ने रमनदीप सिंह को टीम में शामिल किया था, लेकिन अंततः हर्षित राणा को मौका दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि मैच रेफरी ने इसे मंजूरी दी और उन्हें मैदान पर भेजा गया। यह मामला क्रिकेट की नई नीतियों और नियमों पर भी सवाल उठाता है, खासकर कंकशन सब्सटीट्यूट के लागू होने के बाद।
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