अपनी मांगो को लेकर सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, 31 मांगे को लेकर अड़े
भोपाल: मध्य प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने जा रहे हैं. शुक्रवार 7 फरवरी को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकारियों के साथ कर्मचारी भी प्रदर्शन कर सरकार के सामने अपनी मांगें रखने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि कर्मचारी और अधिकारी प्रमोशन पर लगी रोक हटाने, पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही अनुकंपा नियुक्ति समेत 31 मांगों को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
प्रदेश का मुख्य प्रदर्शन राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन के बाहर होगा. यहां अधिकारी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे. मप्र अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आंदोलन का यह तीसरा चरण है. इसके अलावा प्रदेश भर के सभी जिलों में कर्मचारी कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान वे कलेक्टर को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।
16 फरवरी को आंदोलन का चौथा चरण
आपको बता दें कि चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे आंदोलन के चौथे चरण के तहत 16 फरवरी को प्रदर्शन किया जाएगा. इस दिन प्रदेश के सभी जिलों से प्रतिनिधि भोपाल के अंबेडकर पार्क पहुंचेंगे. यहां एकत्रित होकर एक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक को मुख्य रूप से मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा में शामिल सभी घटक संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी संबोधित करेंगे।
कारगिल वॉर मेमोरियल से राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, पीओके पर ही होगी हर बातचीत
पर्यटकों को बनाया शिकार, फर्जी रोमन थिएटर दिखाकर 10 साल तक ऐंठे हजारों रुपये
भारत की बेटियों का दम, ईशा सिंह ने जीता गोल्ड और मनु भाकर ने हासिल किया कांस्य
भारतीय महिला हॉकी टीम ने मेडल के लिए की बड़ी कुर्बानी, सविता ने खोले फिटनेस के राज
धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस को संदेश, 'मैं एक स्ट्रीट फाइटर हूं, दबने वाला नहीं'
CM मोहन यादव ने किसानों पर खोला खजाना, ₹3300 करोड़ ट्रांसफर; खंडवा के विकास को मिली रफ्तार
दुबई-मुंबई इंडिगो फ्लाइट को बीच रास्ते बदलना पड़ा रूट, राजकोट में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
ईरान का बड़ा फैसला, हमले रोककर शांति वार्ता को दी प्राथमिकता
गृह मंत्री से माफी की मांग के बीच बीजेपी का पलटवार, कहा- कांग्रेस पहले अपना घर संभाले
प्रधान के इस्तीफे के बाद उद्धव ठाकरे की हुंकार, तिरंगा विजय रैली से सरकार पर निशाना