हिमालय की गोद में छुपा ये मंदिर, जहां शिव परिवार एक ही मूर्ति में विराजमान!
देवों के देव कहे जाने वाले महादेव हिमालय के कई क्षेत्रों में विराजमान है. ऐसे में नग्गर में स्थित है गौरी शंकर मंदिर जहां महादेव अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान है. इस मंदिर को ग्रामीणों द्वारा शिवद्वाला के नाम से भी जाना जाता है.पांडु शैली में बने इस मंदिर में की एक और खासियत है कि यहां महादेव शिवलिंग रूप में नहीं बल्कि मूर्ति रूप में विराजमान है.
नग्गर के गौरी शंकर मंदिर में एक ही मूर्ति में पूरा शिवपरिवार विराजमान है. मंदिर के कारदार डिंपी नेगी ने बताया कि यहां एक ही पत्थर से ये मूर्ति बनी हुई है, जिसमें नंदी पर शिव पार्वती है सही ही गणेश और कार्तिकेय भी मौजूद है. स्थानीय लोगों की अटूट आस्था महादेव से जुड़ी हुई है.
पांडवों ने किया था निर्माण
इस मंदिर का निर्माण ग्यारहवीं या बारहवीं शताब्दी में हुआ है. ऐसे में मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान जब पांडव इस क्षेत्र में आए यह और उसी दौरान इस मंदिर का भी निर्माण पांडवों के द्वारा किया गया था. मंदिर के कारदार डिंपी नेगी ने बताया कि मंदिर में शिवरात्रि के दिन विशेष आयोजन किया जाता है. ऐसे में यहां भंडारे का भी आयोजन होता है. शिवरात्रि के दिन ग्रामीण यहां महादेव की पूजा अर्चना करने आते है.
आगरा के ताजमहल की तरह होती है मंदिर की सफाई
मंदिर के कारदार डिंपी नेगी ने बताया कि मंदिर की सफाई के लिए आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट के द्वारा हर 10 साल के बाद मंदिर के रख रखाव के लिए केमिकल का छिड़काव किया जाता है. ऐसी में मंदिर की दीवारों पर लगे शिवाल को भी हटाया जाता है. ऐसे में इस पुरानी धरोहर को आज भी साफ सुथरा रखा गया है.
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