एसबीआई की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम: सोने की रखवाली के साथ मिलेगा ब्याज भी
आमतौर पर लोग सोने को बैंकों में रखना पसंद करते हैं क्योंकि वहां पर उसकी हिफाजत हो सके. घरों में सोना रखना कई बार असुरक्षित होता है. सोने के गुम हो जाने और इसकी चोरी की भी कई आशंकाएं होती है.सोने और जेवरात को बैंक लॉकर में रखने पर आपको बैंकों को चार्ज देना होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं एसबीआई की एक ऐसी स्कीम है जिसमें बैंक के द्वारा आपके सोने की सुरक्षा भी की जाएगी और आपको ब्याज भी दिया जाएगा.
एसबीआई की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की Revamped Gold Deposit Scheme ग्राहकों को उनके सोने को रखने के बदले में उन्हें ब्याज का भुगतान करती है. इसमें ग्राहकों को तीन विकल्प दिए जाते हैं.
· पहली कैटेगरी 1 से 3 साल की अवधि की है. जिसे एसबीआई की शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट स्कीम कहा जाता है. यानी 1 से 3 साल के लिए बैंक के ग्राहक सोना डिपॉजिट कर सकते हैं.
· दूसरी कैटेगरी की अवधि 5 से 7 साल की होती है जिसे मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट कहते हैं.
· तीसरी कैटेगरी 12 से 15 साल की अवधि की होती है. जिसे लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट कहते हैं.
तीनों अलग-अलग कैटेगरी के आधार पर अलग-अलग ब्याज दिया जाता है.
गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के अंतर्गत कितना मिलेगा ब्याज
· एक साल की अवधि के लिए गोल्ड डिपॉजिट करने पर 0.55 % वार्षिक ब्याज मिलता है.
· 2 साल या इससे ज्यादा की अवधि के लिए गोल्ड डिपॉजिट करने पर 0.60 % वार्षिक ब्याज मिलता है.
· 5 से 7 साल की अवधि के लिए गोल्ड डिपॉजिट करने पर 2.25% वार्षिक ब्याज मिलता है.
· 12 से 15 साल की अवधि के लिए गोल्ड डिपॉजिट करने पर 2.50% वार्षिक ब्याज मिलता है.
कब हुई थी गोल्ड डिपॉजिट स्कीम की शुरुआत
साल 2015 में सरकार ने इस स्कीम की शुरुआत की थी ताकि घरों और संस्थानों में पड़े सोने का सार्थक इस्तेमाल किया जा सके और साथ ही सोने के मालिकों को उसे पर ब्याज दिया जा सके.
मैच्योरिटी पर मिलते हैं दो विकल्प
इस स्कीम में गोल्ड डिपॉजिट करने वालों को मैच्योरिटी पर दो विकल्प मिलते हैं. पहले डिपॉजिट की अवधि समाप्त होने पर आप अपना सोना वापस ले सकते हैं.
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