फलस्तीन समर्थकों ने कफियेह स्कार्फ और मास्क पहनकर बर्नार्ड कॉलेज में मचाया हंगामा
बुधवार को कफियेह स्कार्फ और मास्क पहने हुए फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने न्यूयॉर्क के बर्नार्ड कॉलेज के मिलबैंक हॉल में जबरन प्रवेश कर हंगामा किया। कॉलेज ने बताया कि जहां हंगामा किया गया वहीं डीन का कार्यालय है। कांलेज प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने हंगामे के दौरान एक स्कूल कर्मचारी पर हमला किया। बर्नार्ड की अध्यक्ष लॉरा रोसेनबरी ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारी रात में मिलबैंक हॉल से "बिना किसी और घटना के" चले गए।
उन्होंने कहा, "लेकिन हम स्पष्ट कर दें कि हमारे समुदाय की सुरक्षा के प्रति उनकी उपेक्षा पूरी तरह से अस्वीकार्य है।" स्कूल ने चेतावनी दी थी कि यदि छात्र रात 9:30 बजे तक नहीं गए तो अधिकारी "हमारे परिसर की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त, आवश्यक कदम उठाने" के लिए बाध्य हो सकते हैं।
कोलंबिया स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन पैलेस्टाइन नामक छात्र समूह ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रशासन की ओर से गुरुवार दोपहर उनसे मिलने पर सहमति जताए जाने के बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। समूह के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने फलस्तीन समर्थक कार्रवाई के लिए दंडित सभी छात्रों के लिए माफी, रोसेनबरी और डीन लेस्ली ग्रिनेज के साथ बैठक और दो छात्रों के निष्कासन को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने एक्स पर पोस्ट कर की फलस्तीन को आजाद करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने दिन में पहले एक्स पर पोस्ट किया, "हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। फलस्तीन को आजाद करो।" बर्नार्ड के रणनीतिक संचार उपाध्यक्ष रॉबिन लेविन ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से हमला किए जाने के बाद एक कर्मचारी को अस्पताल भेजा गया, हालांकि उन्होंने कोई और ब्यौरा नहीं दिया। लेविन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अन्य लोगों को भी बिना पहचान के परिसर में आने के लिए प्रोत्साहित किया।
लेविन ने कहा, "बर्नार्ड प्रशासन ने पहले प्रदर्शनकारियों से मिलने की पेशकश की- ठीक वैसे ही जैसे हम अपने समुदाय के सभी सदस्यों से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिर्फ एक साधारण शर्त रखी गई कि अपने मास्क हटा दें। उन्होंने मना कर दिया। हमने मध्यस्थता की भी पेशकश की है।"
छात्र समूह द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में मास्क और काफयेह स्कार्फ़ पहने हुए लोग गलियारे में नारे लगाते हुए दिखाई दिए। कुछ लोग ड्रम बजा रहे थे, जबकि अन्य के हाथ में मेगाफोन थे। दीवारों पर फलस्तीन झंडे लटकाए गए थे और “बर्नार्ड नरसंहार को वित्तपोषित करता है” व “फलस्तीन को मुक्त करो” जैसे नारे दीवारों पर लिखे गए थे।
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