रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस के भाड़े के सैनिक यूक्रेनी मोर्चे पर मारे जा रहे हैं, पुतिन की रणनीति पर सवाल
रूस यूक्रेन युद्ध को तीन साल से ज्यादा का समय बीत चुका है. इस युद्ध में रूस यूक्रेन पर भारी पड़ता नजर आया है, लेकिन यूक्रेन में रूस गहरे घाव दिए हैं. कुछ न्यूज़ आउटलेट्स ने दावा किया था कि चाहें यूक्रेन ने एक बड़ी भूमि का हिस्सा गवाया, लेकिन मौते सबसे ज्यादा यूक्रेनी सैनिकों की हुई है.
युद्ध क्षेत्र में लड़ने वाले सैनिकों में भी पुतिन बड़ा खेल किया है, जिसके चलते उसके अपने सैनिक बहुत कम मारे गए हैं. अब सवाल आता है कि रूस की तरफ से मारे जाने वाले सैनिक कौन हैं. अगस्त 2023 में एक कुख्यात बोस्नियाई सर्ब भाड़े का सैनिक रूसी प्रोपेगैंडा वीडियो में दिखाई दिया था, जिसके बाद से ही शक होने लगा था कि रूस अपनी सेना में भाड़े के सैनिक भर्ती कर यूक्रेन मोर्चे पर भेज रहा है. कुछ खुफिया खबरों से पता चला है कि रूस ने अपनी सेना में कई देशों से सैनिक भर्ती किए हैं और उनके यूक्रेनी मोर्चे पर मरने के लिए छोड़ दिया.
रूस ने कितने विदेशी भाड़े के सैनिकों की भर्ती की है?
रूस के सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले सभी विदेशी नागरिकों का कोई निश्चित अनुमान नहीं है और लीक हुआ डाटाबेस से भी रूसी हताहतों का पूरा रिकॉर्ड नहीं है, जबकि पश्चिमी अनुमानों के मुताबिक इस जंग में रूस की तरफ से करीब 7 लाख सैनिक मारे गए हैं.
लेकिन लीक हुए रिकॉर्ड रूस के विदेशी भाड़े के सैनिकों के बारे में कई तरह के वास्तविक साक्ष्यों को उजागर करता हैं, जिनमें से कुछ को वेतन के लिए भर्ती किया था और अन्य का कहना है कि उन्हें भर्ती करने के लिए दबाव डाला गया था या धोखा दिया गया था.
अस्पताल में भर्ती होने के रिकॉर्ड के RFE/RL जांच में पाया गया कि सर्बिया, नेपाल, भारत, चीन, श्रीलंका, क्यूबा और कैमरून सहित एक दर्जन से ज्यादा देशों के विदेशी सैनिकों का फरवरी 2022 के बीच रूसी सैन्य अस्पतालों में इलाज किया गया था.
पुतिन ने दिखाई चालाकी
अपने सैनिकों कम जान जाए इसलिए पुतिन ने भाड़े के सैनिकों को मोर्चे पर भेजने की चाल चली. जिसका फायदा पुतिन को बखूबी मिला है. जंग तीन साल बाद रूस यूं ही मजबूत खड़ा है, क्योंकि उसकी सेना आज भी पूरी ताकत के साथ खड़ी है. वहीं यूक्रेन ने अपने सारे खास सैनिक जंग में झोक रखे हैं और दिन बा दिन वह कमजोर हो रहा है.
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