बंगाल के वरिष्ठ नेता अब्दुर रज्जाक मोल्ला नहीं रहे, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताया शोक
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अब्दुर रज्जाक मोल्ला का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित अपने पैतृक घर में आखिरी सांस ली। 80 वर्षीय टीएमसी नेता रज्जाक मोल्ला काफी समय से आयु संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
सीएम ममता ने दी श्रद्धांजलि
रज्जाक मोल्ला ने शुक्रवार की सुबह भांगड़ क्षेत्र के बांकरी गांव में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वरिष्ठ नेता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक खालीपन पैदा हो गया है।
ममता बनर्जी का भावुक पोस्ट
ममता बनर्जी ने एक्स पर कहा कि मैं अपने सहयोगी अब्दुर रज्जाक मोल्ला के निधन से दुखी और स्तब्ध हूं। वह राज्य के मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी थे। मैं उनका बहुत सम्मान करती थी। बंगाल के ग्रामीण जीवन, कृषि अर्थव्यवस्था और भूमि सुधार के बारे में उनका ज्ञान और अनुभव सर्वविदित था। यही कारण है कि भले ही उन्होंने एक समय अलग विचारधारा की राजनीति की हो, लेकिन उनके लिए मां-माटी-मानुष सरकार में शामिल होना आसान और स्वाभाविक था। उनके निधन ने बंगाल की राजनीति में एक अपूरणीय शून्य पैदा कर दिया है।
कौन थे अब्दुर रज्जाक मोल्ला?
मोल्ला पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार में भूमि और भू सुधार मंत्री थे। वह 1977 से 2011 तक कैनिंग पूर्व सीट से वाम मोर्चा के विधायक रहे। फरवरी 2014 में माकपा की बंगाल राज्य समिति ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने एक नया राजनीतिक दल – भारतीय न्यायबिचार पार्टी (बीएनपी) बनाई। बाद में उन्हें सत्तारूढ़ टीएमसी के साथ जुड़ाव के लिए बीएनपी से निष्कासित कर दिया गया। मोल्ला 2016 के विधानसभा चुनावों से पहले टीएमसी में शामिल हो गए थे। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार के रूप में भांगड़ सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। चुनाव जीतने के बाद उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनाया गया था।
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