मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन किसानों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ-साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मध्यप्रदेश में वर्तमान दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर जल्द से जल्द 20 प्रतिशत तक करने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। इससे हम घर-घर गोकुल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमने गौशालाओं में दुधारू पशुओं के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप हमारी सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिए हैं। मंत्रि-परिषद की गत दिवस मंगलवार को बैठक में मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को विशेषकर गरीबों औरकिसानों को आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध बनाने के लिए प्राण-प्रण से कार्य कर रही है।
असम चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस नेता का तीखा बयान
भीषण गर्मी में राहत: सुखबासुपारा में नलकूप खनन से दूर हुई पेयजल समस्या, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
शांति की पहल या रणनीति? Iran के प्रस्ताव पर उठे सवाल
रोजाना शकरकंद खाने से मिलते हैं जबरदस्त हेल्थ बेनिफिट्स
दिनभर की धूप के बाद Delhi में बारिश-ओले से मौसम ने ली करवट
TMC को घेरा, क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान से विवाद बढ़ा
नीलामी प्रक्रिया से बाहर किए जाने पर काल सोमानी ग्रुप ने जताई आपत्ति
20 वर्षीय बेगम के साथ शादी बनी सुर्खियों का कारण
United States बोला— टैरिफ लगाना हमारा अधिकार, Beijing पर बढ़ी टेंशन
शांति से जश्न मनाने की अपील, नहीं तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई