गर्मी की मार: मंडला में टाइगर भी प्यासे, चिल्ड वाटर में राहत की तलाश
मंडला: विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क जितना पर्यटकों से गुलजार नजर आता है, उतना ही प्राकृतिक नजारों से परिपूर्ण है. इसको संरक्षित रखने के लिए प्रबंधन द्वारा विशेष उपाय किए जा रहे हैं. कान्हा नेशनल पार्क ने जानवरों और पक्षियों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए जल स्रोत तैयार किया है. साथ ही नदी, नाले, झिरिया और सोंसर तैयार किए गए हैं.
अठखेलियां करते दिखाई दे रहे टाइगर
दरअसल, कान्हा नेशनल पार्क ने वन्य जीवों को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए कृत्रिम रूप से जल स्रोत तैयार किए हैं. साथ ही पार्क के अंदर नदी, नाले, झिरिया और सोसर तैयार की गई है. ताकि जंगल में रहने वाले वन्य जीवों को पानी की कमी ना हो. इस दौरान इसका वीडियो भी शेयर किया जा रहा है. जिसमें जानवर तालाब में तैरते नजर आ रहे हैं. पर्यटन के समय नदी, नालों, झीलों और तालाबों के पास टाइगर आसानी से दिखाई देते है. इस दौरान नहाते और अठखेलियां करते हुए नजर आते हैं.
टैंकरों से भरा जा रहा पानी
गर्मी के समय वन्य जीवों को पानी उपलब्ध करना एक चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इस चुनौती को पार्क प्रबंधन द्वारा बखूबी निभाया जा रहा है. कान्हा नेशनल पार्क में 500 से ज्यादा जल स्रोत हैं. वहीं, सड़क किनारे सोसर बनाए गए है. जिसमें टैंकरों से पानी भरा जाता है. इसकी मॉनिटरिंग और मैपिंग की जाती है. अगर कहीं भी पानी की कमी होती है तो उसे तुरंत पूरा किया जाता है.कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रविन्द्र मणि त्रिपाठी ने कहा, "कान्हा टाइगर रिजर्व में बहुत सारे पानी के स्रोत हैं. मैप के जरिए सब पर निगरानी रखी जाती है. मैं उसकी फोटो भी देखता हूं. अगर किसी जगहों पर पानी की कमी होती है, तो वहां पानी के टैंक के जरिए डाला जाता है. ताकि हमारे वन्य प्राणी को किसी तरह की असुविधा न हो. हालांकि इस बार बहुत सूखा मौसम है. प्रत्येक वर्ष जो मौसम मई में हुआ करता था, वैसा इस साल अप्रैल में है. इसलिए इस साल आग की घटनाएं भी ज्यादा हो रही है. इस पर हमारा स्टाफ मुस्तैदी से लगा हुआ है.
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