इत्तेफाक था या साजिश? गंगा आरती में रेहान की मौजूदगी पर ATS अलर्ट
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर बीते दिन यानी सोमवार को गंगा आरती के समय मुस्लिम युवक रेहान का हाथ एक लड़की से टच हो गया था. आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने रेहान की पिटाई कर दी. पिटाई के बाद खुद को बचाने के लिए रेहान ने मामले को दूसरा रंग देने की कोशिश की. रेहान ने कहा कि वो मुस्लिम है और गंगा आरती में शामिल होने आया है, इसलिए उसके साथ मारपीट हुई है. पहले उसका नाम पूछा गया फिर मारपीट की गई.
रेहान के पिता ने भी यही बात कही और अज्ञात लोगों के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में तहरीर दी है, लेकिन जब रेहान से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो बैड टच की बात सामने आई और मारपीट की वजह भी. रेहान ने बताया कि गलती से उसका हाथ एक लड़की से टच हो गया था. इसको लेकर लोगों ने उसे घाट के पास एक मंदिर ले जाकर पहले गाली गलौज की, फिर बेरहमी से पिटाई कर दी.
पुलिस ने आरोपी से की पूछताछ
मामले के मीडिया में आने के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आई और जांच शुरू कर दी. डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया तो मामला बैड टच का ही लग रहा है, लेकिन पुलिस ने जैसे-जैसे पूछताछ की. वैसे वैसे रेहान की भूमिका संदिग्ध दिखनी शुरू हुई. रेहान पड़ाव का रहने वाला है उसको दशाश्वमेध आकर आरती स्थल पर जाने की क्या आवश्यकता थी?
एटीएस भी करेगी पूछताछ
आरती स्थल पर रेहान की मौजूदगी पुलिस को संदिग्ध लगी. अब इस मामले में पुलिस के साथ-साथ एटीएस भी रेहान से पूछताछ करेगी और उसका मोबाइल खंगालेगी. एटीएस इस बात को भी टटोलेगी कि रेहान को आरती स्थल पर जाने की क्या जरूरत थी उसकी मंशा क्या थी?
वहीं इस मामले को विपक्ष राजनीतिक रंग दे रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया पर इस घटना को शेयर कर इसे कानून व्यवस्था का मुद्दा बताया है.
बिहार की राजनीति गरमाई, तेजस्वी यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
नफरती भाषण नहीं माने गए, सुप्रीम कोर्ट ने FIR की याचिका ठुकराई
पंजाब में सत्ता की जंग तेज, आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने
मोटापा सिर्फ वजन नहीं, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जड़
सैंटनर की चोट ने बढ़ाई चिंता, कब मैदान पर लौटेंगे स्टार ऑलराउंडर?
नीलगाय शिकार केस में बड़ी कार्रवाई, बीनागंज में 5 लोग गिरफ्तार
तिलक को लेकर आपत्ति, मुबारिक की धमकी से मचा हड़कंप
बरगी डैम त्रासदी: सरकार ने 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की
एनजीटी आदेश के बावजूद बरगी में जारी था जलविहार, सामने आई लापरवाही