22 महाविद्यालयों के नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त, 15-15 करोड़ रुपए से हिब्ज भवन निर्माण
भोपाल: उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के निर्देश अनुरूप, उच्च शिक्षा विभाग ने इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरू होते ही 22 महाविद्यालयों के नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त कर ली है।
महाविद्यालय बलवाड़ी (बड़वानी), भीमपुर (बैतूल), उदयनगर (देवास), चरगवां (जबलपुर), खालवा (खंडवा), भगवानपुरा एवं झिरन्या (खरगोन), राजोधा एवं बानमोर (मुरैना), ओरछा (निवाड़ी), खोरा (पन्ना), कुरई (सिवनी), दिनारा (शिवपुरी), माडा (सिंगरौली), कायथा (उज्जैन), घुवारा (छतरपुर), बिडवाल (धार), खिरकिया (हरदा), सुलतानपुर (रायसेन), गोविंदगढ़ (रीवा) के शासकीय महाविद्यालय एवं विधि महाविद्यालय सिवनी में नवीन महाविद्यालयों के भवन निर्मित किये जाने की स्वीकृति मिली हैं। इसके अतिरिक्त संस्कृत शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, पन्ना जिले के देवेन्द्र नगर स्थित संस्कृत महाविद्यालय के लिए भी नवीन भवन स्वीकृत किया गया है। इन महाविद्यालयों के लिये औसत 15 करोड़ रुपए नवीन भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है।
अगले चरण में प्रदेश के लगभग 35 अन्य महाविद्यालयों के नवीन भवनों के लिए स्वीकृति के लिए प्रयास किया जाएगा, इनमें से 16 महाविद्यालयों के लिए भूमि प्राप्त कर ली गई है। इनमें से कई महाविद्यालय वर्ष 2023 में प्रारंभ हुए हैं एवं इनमें विद्यार्थियों की संख्या 100 से कम है, इसलिए विद्यार्थियों की संख्या एवं वित्तीय संसाधनों के अनुसार विभागीय कार्यवाही की योजना है।
राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण