पीरियड्स के दर्द में आराम चाहिए? ये योगासन हैं सबसे असरदार
बालासन बेहद आसान योगा पोज है. इसे करने के लिए पहले दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर वज्रासन में बैठ जाएं और नीचे झुकते हुए सिर को मैट पर टिका लें. हाथों को सामने की ओर रखें. इस पोज में तकरीबन 30 सेकंड तक रहें. ये आसान सिर्फ पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाता है, बल्कि लचीलापन बढ़ाता है और उस दौरान होने वाले स्ट्रेस को कम करके मूड स्विंग से भी बचाता है.
पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने साथ ही यूरिन से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाने में भी वज्रासन फायदेमंद होता है. ये आसन आपकी पेल्विक फ्लोर यानी पेड़ू की मसल्स को मजबूत बनाता है और स्ट्रेस को भी कम करता है. इसे करने के लिए पैरों को मोड़कर बैठ जाएं और पीठ को सीधा रखें. ये पाचन के लिए भी बेहद फायदेमंद है और खाने के बाद भी किया जा सकता है.
पीरियड्स के दर्द-ऐंठन से राहत के लिए तितली आसन करना भी बेहद फायदेमंद रहता है. ये आसन प्रजनन अंगों को भी मजबूती देता है और गर्भावस्था के दौरान भी फायदेमंद माना जाता है. इसे करना भी काफी आसान होता है. ये आसन आपको स्ट्रेस से भी दूर रखने में मदद करता है.
मत्स्यासन भी महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है. ये आसन करने से महिलाओं को पीरियड्स से दर्द से राहत मिलती है और थायराइड से बचाव होता है. इस आसन को करने से प्रजनन स्वास्थ्य में भी सुधार करने में मदद मिलेगी.
पीरियड्स के दौरान अक्सर मूड स्विंग की समस्या हो जाती है. इससे बचे रहने के लिए महिलाओं को अनुलोम-विलोम की प्रैक्टिस करनी चाहिए. इस आसन को करने से शांति महसूस होती है और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है. ये प्राणायाम स्किन के लिए भी फायदेमंद रहता है.
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