राजस्थान के जस्टिस विजय विश्नोई की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति की सिफारिश
मूलत: राजस्थान हाईकोर्ट के जज तथा अभी गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजे) विजय विश्नोई पदोन्नत होकर सुप्रीम कोर्ट जज बनेंगे। उनके अलावा कर्नाटक हाईकोर्ट के सीजे एनवी अंजारिया (मूलत: गुजरात हाईकोर्ट) और बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर भी सुप्रीम कोर्ट के जज बनेंगे।
देश के चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता में सोमवार को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में तीनों जजों की शीर्ष अदालत में नियुक्ति की सिफारिश की गई है। सीजेआइ गवई की अध्यक्षता में पहली बार कॉलेजियम की बैठक हुई। बैठक में पहली बार जस्टिस बीवी नागरत्ना भी शामिल रहीं।
कॉलेजियम ने पांच हाईकोर्ट में नए सीजे की नियुक्ति की भी सिफारिश की है। इसके तहत दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस विभु बाखरू को कर्नाटक, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस आशुतोष कुमार को गुवाहाटी तथा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस तरलोक सिंह चौहान को झारखंड हाईकोर्ट में सीजे बनाने की सिफारिश की है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश में ही तथा पटना हाईकोर्ट के जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली को उनके मौजूदा पटना हाईकोर्ट में ही पदोन्नत कर सीजे बनाने की सिफारिश की गई है।
कौन हैं विजय विश्नोई?
जस्टिस विजय बिश्नोई का मूल हाईकोर्ट राजस्थान है। उनका जन्म स्थान जोधपुर है। फिलहाल गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। विजय बिश्नोई ने जुलाई 1989 में वकालत शुरू की थी और राजस्थान हाईकोर्ट व सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल, जोधपुर में विभिन्न मामलों की पैरवी की। वे भारत सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील भी रहे हैं। 2013 में राजस्थान हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। 2015 में स्थायी न्यायाधीश बनें। 5 फरवरी 2024 को उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली थी।
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