कोरबा खदान हादसा: कोयला चोरी के दौरान धंसी मिट्टी, दो की मौत, एक घायल
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाली साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा कोयला खदान में एक दुखद घटना सामने आई है. मंगलवार की सुबह मिट्टी धंसने से दो युवकों की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. यह हादसा दीपका थाना क्षेत्र में हुआ. मिली जानकारी के अनुसार, विशाल यादव और धन सिंह कंवर इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे. वहीं साहिल धनवार गंभीर रूप से घायल है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बताया जा रहा है कि तीनों युवक मंगलवार सुबह कोयला चोरी करने के इरादे से खदान में घुसे थे. वे सब्बल और अन्य उपकरणों की मदद से कोयला निकालने के लिए खुदाई कर रहे थे. तभी अचानक खदान की मिट्टी धंस गई और तीनों युवक लगभग 20-25 फीट गहरी खदान में दब गए. साहिल धनवार किसी तरह खदान से बाहर निकलने में सफल रहा और उसने घटना की जानकारी दी. वह मौके पर मौजूद परिजन हेमंत सागर ने बताया कि युवक घर में चूल्हा जलाने के लिए कोयला लेने खदान गए थे.
पहले भी हो चुकी हैं दुर्घटनाएं
कोरबा जिले में SECL की कई ओपन कास्ट कोयला खदानें संचालित हैं. यहां कोयले की आसान उपलब्धता के कारण आसपास के ग्रामीण अक्सर खाना पकाने जैसे घरेलू उपयोग के लिए कोयला चोरी करने के लिए खदानों में चले जाते हैं. एसईसीएल के लिए यह एक बड़ी समस्या है क्योंकि पहले भी कोयला चोरी के दौरान कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं.
जांच में जुटी पुलिस
दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने इस बारे में बताया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. अभी तक की जांच में पता चला है कि कुछ लोग गेवरा और दीपका माइंस की सीमा पर कोयला निकालने गए थे, तभी यह हादसा हुआ. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या खदान में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था. इस घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छाया हुआ है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल