सड़क धंसी, निगम बोला एयरटेल की लापरवाही जिम्मेदार
इंदौर। इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने और उसमें चार फीट गहरा गड्ढा होने की जांच पूरी हो गई। नगर निगम ने एयरटेल कंपनी को गड्ढे के लिए जिम्मेदार बताया। अफसरों का कहना है कि बगैर अनुमति कंपनी ने खुदाई की और नर्मदा लाइन फोड़ दी। रिसाव होने के कारण सड़क पर गड्ढा हो गया था। शुक्रवार को विजय नगर क्षेत्र में गहरा गड्ढा होने की घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। नगर निगम ने पहले ताबड़तोड़ गड्ढा भरवा दिया, लेकिन शनिवार को फिर खुदाई कर फूटी पाइप लाइन को सुधारा गया।
यह घटना में मेघदूत गार्डन के सामने से स्कीम नंबर 54 की तरफ जाने वाले मार्ग पर हुई थी। गड्ढे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सोशल मीडिया पर गड्ढे को लेकर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी। गड्ढे में गिरकर कोई वाहन चालक हादसे का शिकार न हो जाए, इसलिए उसके आसपास ट्रैफिक पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए थे। रहवासियों ने अफसरों को बताया था कि सुबह के समय जिस हिस्से में सड़क धंसी थी, वहां पर पानी का रिसाव हो रहा था। इसे लेकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया कि एयरटेल कंपनी ने बिना नगर निगम की अनुमति के केबल लाइन डाली थी, जिससे सड़क पर गड्ढा बन गया। नगर निगम आयुक्त ने एयरटेल पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मेयर ने कहा कि कंपनी के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश भी दिए गए है ताकि भविष्य में कोई भी कंपनी बिना नगर निगम की अनुमति कार्य नहीं करेगी।
राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल