12 दिन से सूखा पड़ा बिलासपुर, जहरीले जीव-जंतुओं की सक्रियता से बढ़ा खतरा
बिलासपुर। मानसून के कमजोर पड़ते ही बिलासपुर में उमस और बढ़ती गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। पिछले 12 दिनों से लगातार वर्षा के बाद अब बादलों ने मुंह फेर लिया है। रविवार को एक बूंद पानी नहीं गिरा। नतीजा यह है कि दिन के तापमान में इजाफा हुआ। पांच दिन पहले जहां अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस था, वहीं रविवार को यह 34.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री ज्यादा है।
जिले में बीते 10-12 दिनों से अच्छी वर्षा के बावजूद अब नदियों और नालों का जलस्तर गिरने लगा है। लगातार तालाब और पोखरों का पानी भी कम होने लगा है। खेतों में अभी भी जगह-जगह पानी भरा हुआ है, लेकिन किसान अब अपनी सुविधानुसार इसे छोड़ने लगे हैं ताकि फसल को नुकसान न हो। जानकारों का कहना है कि यदि अभी कुछ दिन वर्षा न हुई तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा, फसल के लिए अच्छा है। वहीं नगर निगम ने जल आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।
लगातार बनी नमी और बढ़ती उमस ने कीड़े-मकोड़ों और जहरीले जीव-जंतुओं को भी सक्रिय कर दिया है। शहर और गांव दोनों इलाकों में ही दीवारों, खेतों और घरों के कोनों में बिच्छू, सांप और जहरीले कीड़े दिखने लगे हैं। ग्रामीण इलाकों से कई बार सांप-बिच्छू काटने के मामले भी सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को घरों में साफ-सफाई रखने और खेतों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ा हुआ है। बंगाल की खाड़ी में कोई बड़ा सिस्टम नहीं बन रहा, जिससे जिले में वर्षा की संभावना फिलहाल कम ही है। हालांकि द्रोणिका के असर से अचानक शाम या रात को हल्की वर्षा के संकेत हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखकर ही खेतों में जल प्रबंधन करें और जरूरत से ज्यादा पानी न छोड़ें, ताकि फसल सुरक्षित रहे।
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