माता रानी सुनेंगी फरियाद? भक्त ने दानपेटी में लिखा गर्लफ्रेंड से शादी कराने का पत्र
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में माता दंतेश्वरी का मंदिर है. इस मंदिर में रोजाना सैंकड़ों की संख्या में भक्त आते हैं. माता के दर्शन करते हैं. मंदिर में रखी दानपेटी में श्रद्धानुसार दान देते हैं. भक्त दानपेटी में दान देने के अलवा सोना-चांदी भी दान करते हैं. सोमवार को दंतेश्वरी माता मंदिर की दानपेटी खोली गई. ये दानपेटी पांच महीने बाद खोली गई.
इसमें नकदी, सोना-चांदी तो मिली ही इसके साथ-साथ भक्तों के मन्नत वाले पत्र भी मिले, जिसमें किसी से गर्लफ्रेंड से विवाह हो जाने की मन्नत मांगी थी तो किसी ने माता से एनएमडीसी में नौकरी. परिवार में सुख-शांति वाले पत्र भी मिले. सोमवार को सुरक्षा इंतजाम के बीच माता की दानपेटी मंदिर परिसर में खोली गई. इसमें मंदिर कमेटी के सदस्यों और मंदिर के प्रमुख लोगों दारा दान दी गई राशि की गिनती की गई.
दान की राशि मंदिर कोष में जमा
सिक्के और नोट गिनने में लगभग पांच घंटे से ज्यादा का समय लगा. वहीं भक्तों की ओर से दान दी गई राशि 11 लाख 18 हजार 194 रुपये है. फरवरी में जब गनती की गई थी, तब दान में 19 लाख 23 हजार 723 रुपये मिले थे. दानपेटी से मिले सोने-चांदी के आभूषणों की अभी गिनती नहीं की गई है. दान में जो राशि मिली है वो मंदिर के कोष में जमा करा दी गई है.
दिनों-दिन बढ़ रही मंदिर की प्रसिद्धि
दंतेश्वरी माता मंदिर की प्रसिद्धि दिनों-दिन बढ़ रही है. नवरात्रि में यहांं देश ही नहीं विदेशों से भी ज्योति कलश जलवाए जाते हैं. दंतेश्वरी माता मंदिर की संपत्ति करोड़ों की है. माता का मंदिर अब और भी भव्य बन गया है, जिससे यहां आने वाले भक्तों की संख्या भी बढ़ गई है. शारदीय नवरात्रि में भक्त इस मंदिर में एक करोड़ से अधिक का चढ़ावा ज्योति कलश और दानपेटी में चढ़ाते हैं.
भक्तों द्वारा दान दी गई राशि से मंदिर का सारा खर्च पूरा किया जाता है. माता के मंदिर में जो चांदी का दान मिलता है उससे अब सिक्के बनवाए जाने लगे हैं.
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