रुक-रुक कर यूरिन आना बन सकता है खतरा! किडनी फेलियर का पहला संकेत हो सकता है
कैंसर एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। कैंसर के कई प्रकार हैं और कई इलाज मौजूद भी हैं। कैंसर के बेहतर इलाज के लिए सालों से रिसर्च चल रही हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक, डॉक्टर और एक्सपर्ट हर तरह के कैंसर का बढ़िया इलाज खोजने में जुटे हैं। डॉक्टर थॉमस एन सेयफ्राइड भी उनमें से एक हैं, जो पिछले 30 साल से कैंसर पर रिसर्च कर रहे हैं। उनका मानना है कि कैंसर को अच्छे लाइफस्टाइल और अच्छी डाइट से भी काफी हद तक कंट्रोल और रोका जा सकता है। यह कोई जादुई इलाज नहीं बल्कि छोटे-छोटे बदलाव हैं जो शरीर को कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं। उन्होंने अपनी रिसर्च की समझ से कुछ उपाय दुनिया के सामने रखे हैं, जो कैंसर को रोकने और सही पलटने यानी सही करने में मदद कर सकते हैं।
कैंसर को रिवर्स करने के उपाय
कैंसर एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। कैंसर के कई प्रकार हैं और कई इलाज मौजूद भी हैं। कैंसर के बेहतर इलाज के लिए सालों से रिसर्च चल रही हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक, डॉक्टर और एक्सपर्ट हर तरह के कैंसर का बढ़िया इलाज खोजने में जुटे हैं। डॉक्टर थॉमस एन सेयफ्राइड भी उनमें से एक हैं, जो पिछले 30 साल से कैंसर पर रिसर्च कर रहे हैं। उनका मानना है कि कैंसर को अच्छे लाइफस्टाइल और अच्छी डाइट से भी काफी हद तक कंट्रोल और रोका जा सकता है। यह कोई जादुई इलाज नहीं बल्कि छोटे-छोटे बदलाव हैं जो शरीर को कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं। उन्होंने अपनी रिसर्च की समझ से कुछ उपाय दुनिया के सामने रखे हैं, जो कैंसर को रोकने और सही पलटने यानी सही करने में मदद कर सकते हैं।
ब्लड शुगर कंट्रोल करें, कैंसर को 'भूखा' रखें
डॉक्टर ने बताया कि कैंसर सेल्स ग्लूकोज पर जिंदा रहती हैं। ज्यादा मीठे पेय, रिफाइंड कार्ब्स और ज्यादा चीनी उन्हें बढ़ने में मदद करते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि बैलेंस्ड डाइट, थोड़ी मात्रा में खाना और फाइबर से भरपूर चीजें खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और कैंसर कोशिकाओं को कम ऊर्जा मिलती है।
लो-कार्ब, हाई-फैट डाइट अपनाएं
कार्ब्स कम और हेल्दी फैट ज्यादा जैसे ऑलिव ऑयल, घी, नट्स, एवोकाडो लेने से शरीर कीटोसिस में चला जाता है। इसमें शरीर शुगर की जगह फैट को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करता है। कैंसर कोशिकाएं कीटोन का उपयोग नहीं कर पातीं, जबकि हेल्दी सेल्स आसानी से एडजस्ट कर लेती हैं।
एक्सरसाइज को दवा की तरह अपनाएं
रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग, योग, डांस या घर पर स्क्वैट्स करना इंसुलिन कंट्रोल करता है, हार्मोन बैलेंस रखता है और सूजन कम करता है। एक्सरसाइज कोशिकाओं की एनर्जी बनाने वाले माइटोकॉन्ड्रिया को भी मजबूत करती है।
फास्टिंग से शरीर रिपेयर होता है
इंटरमिटेंट फास्टिंग या समय-समय पर डॉक्टर की देखरेख में फास्टिंग करने से शरीर कीटोसिस में जाता है, इंसुलिन कम होता है और कैंसर सेल्स को एनर्जी कम मिलती है। इस दौरान ऑटोफैगी नामक प्रोसेस होता है, जिसमें सेल्स खुद को साफ और रिपेयर करती हैं।
तनाव कम करें और दिमाग को शांत रखें
लंबा तनाव ब्लड शुगर बढ़ाता है, इंफ्लेमेशन को बढ़ाता है और इम्यूनिटी को कम करता है। रोजाना 10 मिनट डीप ब्रीदिंग, मेडिटेशन, नेचर में समय बिताना या जर्नलिंग करने से तनाव कम होता है और शरीर को फायदा मिलता है।
सिंपल एंड हेल्दी खाना खाएं
डाइट में ताजे फल-सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स शामिल करें। प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से दूर रहें, क्योंकि ये शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और रिपेयरिंग की क्षमता को कम करते हैं। रिफाइंड ऑयल की जगह कोल्ड-प्रेस्ड ऑयल का इस्तेमाल करें और हरी सब्जियां ज्यादा खाएं।
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