छात्रों का भविष्य सुरक्षित: निजी स्कूल बंद होने पर सरकार देगी वैकल्पिक शिक्षा का भरोसा
भोपाल : प्रदेश भर के करीब 250 स्कूलों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी मान्यता पिछले माह रद्द कर दी गई है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, लेकिन अब विभाग ने निर्णय लिया है कि इन स्कूलों के बच्चों का एडमिशन पास के सरकारी स्कूल में कराया जाएगा ताकि उनका भविष्य ना खराब हो। इसे लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा गया कि ऐसे विद्यार्थियों को एक सप्ताह के भीतर दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाया जाए।
भोपाल के 12 स्कूलों की मान्यता हुई समाप्त
राजधानी भोपाल के ही करीब 12 स्कूल हैं जिनकी मानता रद्द की गई है। यहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के एडमिशन अवैध हो गए हैं। अब बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट है। इस कारण अब डीईओ की जिम्मेदारी होगी कि इन स्कूलों में दर्ज बच्चों को नजदीक के स्कूलों में प्रवेश दिलाएं। यह आदेश सत्र शुरू होने के चार माह बाद हुए हैं।
दस्तावेज पेश नहीं कर पाए स्कूल
प्रदेश के 250 स्कूलों की मान्यता रद्द की गई है। ये स्कूल जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए थे। कुछ स्कूलों के पास जमीन नहीं थी तो कुछ के पास पर्याप्त जमीन और रजिस्ट्री के कागज नहीं थे। अपील में जाने वाले 50 स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण हुआ वहीं 50 स्कूलों का मामला अभी भी लंबित है।
2500 विद्यार्थियों को दिया जाएगा सरकारी स्कूल में प्रवेश
राजधानी भोपाल के अंकुर हायर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर चौक स्थित सेवन हिल्स, सर्वधर्म कोलार स्थित प्रीति हायर सेकेंडरी स्कूल, कोलार स्थित राजपुष्पा, पार्थ, ज्ञान कृष्णा समेत अन्य स्कूल शामिल है। इन स्कूलों में मान्यता समाप्त करने का कारण जमीन नहीं होना बताया गया है। इन स्कूलों में करीब दो ढाई हजार विद्यार्थी हैं। इन स्कूलों के करीब 2500 विद्यार्थियों को पास के सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।
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