डॉ. अंजना का खुलासा: बिस्कुट-नमकीन बनते हैं आंतों के दुश्मन, जानिए तेजी से गंदगी बाहर निकालने का उपाय
हमारे डाइट में नमकीन, बिस्कुट, समोसा, बर्गर, पिज्जा जैसे रिफाइंड और जंक फूड काफी बढ़ गए हैं। यह फूड हमारे पेट, आंत और डायजेशन के लिए नुकसानदायक होते हैं। इनके अंदर न्यूट्रिशन की कमी होती है और यह आसानी से शरीर से बाहर भी नहीं निकलते हैं और कई दिन तक आंतों में रह सकते हैं। इस वजह से टॉयलेट जाने के बाद भी पेट में भारीपन बना रहता है। आजकल कब्ज और खराब डायजेशन को जीवनशैली की सबसे आम समस्या माना जाता है। जिन लोगों में इसका इलाज नहीं किया जाता, उन्हें बवासीर, भगंदर और कैंसर तक हो सकता है। कब्ज से बचने और गट की सफाई के लिए नवभारत टाइम्स को आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने उपाय बताए हैं।
कब्ज कब होती है?
डॉक्टर अंजना कालिया ने बताया कि अगर सुबह उठने और पानी पीने के बाद पेट साफ करने में 10 मिनट से ज्यादा लग जाते हैं तो यह सही संकेत नहीं है और यह कब्ज का पहला लक्षण हो सकता है। बच्चों में अक्सर देखा जाता है कि उनका पेट एक दिन छोड़कर एक दिन साफ होता है। लेकिन वयस्कों में ऐसा अब होना शुरू हुआ है, क्योंकि लाइफस्टाइल खराब होने लगी है। यह स्थिति धीरे धीरे कब्ज में बदल जाती है।
गट खराब होने की वजह
- खराब लाइफस्टाइल
- हर दिन एक वक्त पर भोजना ना करना
- खाने का टाइम सही ना होना
- पानी कम पीना
- डाइट में फाइबर की कमी होना
- पर्याप्त नींद ना लेना
पूरे गट की क्लीनिंग का तरीका
डाइटिशियन ने घी को गट के लिए बहुत जरूरी बताया। यह आंतों का अंदर से ल्यूब्रिकेशन करता है। जिससे मल आसानी से बाहर निकल आता है और अंदर नहीं चिपकता। आयुर्वेद के हिसाब से वात प्रकृति के लोगों के लिए यह बहुत अच्छा उपाय है। सुबह उठकर गुनगुने पानी में एक चौथाई चम्मच देसी घी डालकर पीएं।
कब्ज का परमानेंट इलाज
डॉक्टर अंजना ने कहा कि कब्ज होने पर सबसे पहले अपना खाना देखें। इसमें फाइबर और पानी की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए। रिफाइंड फूड हटाएं और बहुत ज्यादा चाय-कॉफी या सोडा का इनटेक नहीं होना चाहिए। हर मील में फाइबर वाले फूड्स जरूर लें। अगर फल और नट्स का नाश्ता करेंगे तो पेट और लिवर की सफाई होने लगेगी। साथ में मोटे अनाज खाएं, लेकिन उन्हें मिक्स ना करें। एक साथ दो या उससे ज्यादा मोटे अनाज मिलाने से पाचन पर ज्यादा बोझ पड़ता है। चोकर युक्त आटे से रोटियां बनाकर खाएं।
बासी मुंह मलासन में पीएं पानी
सुबह उठकर सबसे पहले बासी मुंह उकड़ू बैठकर एक-दो गिलास पानी पीएं। मलासन में पानी को बिना ब्रश किए घूंट घूंट करके पीएं। इसमें 5 से 7 मिनट लगने चाहिए। मुंह के अंदर मौजूद रातभर के बैक्टीरिया फूड पाइप से होते हुए आंत को साफ करते हुए जाते हैं। जिन्हें घुटनों में दिक्कत नहीं है या बैठ सकते हैं, वो इस पोस्चर को जरूर अपनाएं।
बासी मुंह मलासन में पीएं पानी
सुबह का वक्त वात का समय होता है। इसी वक्त हमारे शरीर की अंदरुनी मूवमेंट ज्यादा होती है। जितना जल्दी उठेंगे, आंत उतना बेहतर काम करेगी। रात में जल्दी सोने की आदत डालें और हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद लें। साथ ही टॉयलेट में अपना दिमाग केवल मल पास करने पर लगाएं। यह मोबाइल या न्यूजपेपर देखने की जगह नहीं है। घर में इंडियन टॉयलेट जरूर रखें, इसका पोस्चर आंतों के लिए बेस्ट होता है।
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