पंखा चलाने की आम गलती से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
हार्ट अटैक जानलेवा कंडीशन है और इसके कई कारण हैं जिसमें सबसे बड़ा कारण कोरोनोरी आर्टरी डिजीज को माना जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्म कमरे या किसी भी गर्म जगह पर पंखे का इस्तेमाल करने से भी आपको हार्ट अटैक आ सकता है? यह बात एक नए अध्ययन में सामने आई है। शोध के अनुसार, गर्म तापमान में बिजली के पंखे का उपयोग करने से घातक दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। इतना ही नहीं, अगर आप डिहाइड्रेटेड यानी पानी की कमी है, तो आपको इसका ज्यादा खतरा है। जर्नल इमरजेंसी मेडिसिन में छपे इस अध्ययन का मकसद यह जानना था कि गर्म और उमस भरे मौसम में पंखे का असर शरीर में पानी की कमी या पर्याप्त पानी होने पर अलग-अलग होता है या नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले से पता है कि कुछ हालात में पंखा हीट स्ट्रेस यानी गर्मी से होने वाली परेशानी को बढ़ा भी सकता है।
कैसे हुआ अध्ययन
ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के शोधकर्ताओं ने 20 लोगों पर यह टेस्ट किया। उन्हें एक क्लाइमेट चेंबर में 39.2°C तापमान और 49% उमस वाले माहौल में 3-3 घंटे के चार अलग-अलग ट्रायल करने पड़े। दो ट्रायल में लोग पूरी तरह हाइड्रेटेड थे यानी टेस्ट से पहले और दौरान पर्याप्त पानी पिया था। बाकी दो ट्रायल में वे डिहाइड्रेटेड थे यानी टेस्ट से पहले 24 घंटे पानी और पानी वाली चीजें नहीं ली थीं और टेस्ट के दौरान भी पानी पीना मना था। हर हाइड्रेशन कंडीशन में उन्हें एक बार पंखा चलाकर और एक बार बिना पंखे के टेस्ट किया गया।
क्या निकला नतीजा?
जब लोग डिहाइड्रेटेड थे और पंखा चला रहे थे, तो उनके दिल पर ज्यादा दबाव पड़ा। यह दबाव हार्ट अटैक तक ले जा सकता है। पंखा चलाने से पसीना लगभग 60% ज्यादा आया, जिससे शरीर में पानी की कमी और बढ़ गई।
हीट स्ट्रोक और हीट एक्सॉशन के लक्षण
हीट एक्सॉशन के लक्षणों में थकान, ज्यादा पसीना आना, तेज धड़कन और तेज सांस, कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, मितली, उल्टी, ठंडी, पसीने वाली या पीली त्वचा, मांसपेशियों में ऐंठन और बच्चों में चिड़चिड़ापन भी हो सकता है।
लक्षण दिखने पर क्या करें
अगर किसी में ये लक्षण दिखें, तो उन्हें ठंडी जगह ले जाएं, ढीले कपड़े पहनाएं, ठंडा पानी पिलाएं, गीले कपड़े से शरीर पोंछें। अगर 30 मिनट में हालत न सुधरे तो यह हीट स्ट्रोक में बदल सकता है, जो जानलेवा है।
हीट स्ट्रोक के गंभीर लक्षण
इसमें शरीर का बहुत ज्यादा तापमान 40°C से ऊपर हो जाता है जिससे लाल, गर्म और सूखी त्वचा, तेज धड़कन, तेज सांस, भ्रम, बेहोशी, दौरे और अंगों को नुकसान (ऑर्गन फेलियर) का खतरा होता है। शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि ऐसी कंडीशन में घर में धूप वाली खिड़कियां और पर्दे बंद रखें, खूब पानी पिएं, बुजुर्ग, बीमार या कमजोर लोगों का ध्यान रखें, हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें और समय पर इलाज करें।
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