कैमरा विवाद पर पायलट का बयान, जासूसी करने की कोशिश नियम, मर्यादा और पंरपराओं के सख्त खिलाफ
टोंक । राजस्थान की राजनीति में छाया सीसीटीवी कैमरा विवाद थम नहीं रहा है। इस पर कांग्रेस के आरोप के बाद बीजेपी ने पलटवार कर दिया। वहीं मामले को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता और टोंक विधायक सचिन पायलट ने बड़ा बयान देकर कहा है कि ‘जासूसी करने की कोशिश नियम, मर्यादा और पंरपराओं के सख्त खिलाफ है। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष और अन्य विधायकों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है।
कांग्रेस महासचिव पायलट ने अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक के दौरे के दौरान हम लोग वहां जनता के मुद्दे उठाने गए हैं। इनकी निगरानी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दौरान पायलट ने ‘वोट चोरी’ मामले को लेकर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पायलट के नेतृत्व में रैली निकाली।
कांग्रेस नेता पायलट ने सूबे की भजनलाल सरकार पर पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर जमकर निशाना साधा। पायलट ने वोट चोरी के मुद्दे पर कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत दिए हैं। आज तक चुनाव आयोग ने इस पर एक्शन तक नहीं लिया। हमारे देश की संविधान में अटूट आस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारी संवैधानिक संस्थाओं को खोखला करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेता पायलट ने कहा कि निर्वाचन आयोग के मुखिया की प्रेसवार्ता देखकर दुख हुआ। निर्वाचन आयोग पोलिंग बूथ की फुटेज डिलीट करना चाहता है। बिहार में भी लोग चाहते हैं हमारा वोट नहीं छिनना चाहिए।
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