नारी शक्ति पर कल्कि का बयान: "मां बनना ही सबसे बड़ा एम्पावरमेंट"
मुंबई: ‘नवरात्रि के पहले दिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी तब हुई जब मेरी बेटी अपनी नैनी (हेल्पर) के साथ पड़ोस में जाकर डांडिया और गरबा कर रही थी। मेरा मानना है कि ऐसे त्योहार समुदाय को जोड़ते हैं, पड़ोसियों से बातचीत बढ़ाते हैं और एक-दूसरे की संस्कृति का हिस्सा बनने का मौका देते हैं। अपनी बेटी को इस तरह उत्साह और खुशी के साथ जुड़े देखना बेहद सुखद अनुभव था।’
बचपन में सोचती थी- काश मेरे दस हाथ होते
‘बचपन में हमें नवरात्रि के मौके पर बुराई पर अच्छाई की जीत की कहानी सुनाई जाती थी। मां दुर्गा का चित्र मुझे सबसे शक्तिशाली लगता था। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता था कि उनके दस हाथ हैं। मैं सोचती थी कि काश मेरे भी दस हाथ होते। मां दुर्गा को नए कपड़े पसंद हैं तो नए कपड़े पहनते थे। ये यादें मुझे हमेशा देवी की शक्ति की याद दिलाती हैं।’
मां बनने के बाद बदल जाता है जीवन
‘मातृत्व आपके जीवन को पूरी तरह से बदल देता है। कलाकार के रूप में काम करते हुए रात में जागना और दौड़ भाग करना अलग है, पर जब आप मां बन जाते हैं तो फिर आप अपने बच्चे के अनुसार दिनचर्या बनाते हैं। यह आपको सशक्त और आत्मनिर्भर बनाता है। मातृत्व ने मुझे सिखाया कि मेरा शरीर कितना मजबूत है और यह कितना सह सकता है...बच्चे को नौ महीने तक पालना और फिर उसे जन्म देना। मेरे लिए यह नारी शक्ति का उत्सव है। यह गर्भ और पोषण की शक्ति है।’
बेटी को सीमाएं बनाना सिखाऊंगी
‘महत्वपूर्ण सबक जो मैं अपनी बेटी को देना चाहती हूं, वह यह है कि वह 'ना' कहना सीखे और अपनी सीमाएं बनाए रखे। वहीं, महिलाओं से कहना चाहती हूं कि यदि आप खुद को प्राथमिकता नहीं देंगी तो कुछ भी काम नहीं करेगा। दूसरों के लिए अच्छा बनने के लिए पहले अपनी ऊर्जा फिर से भरना जरूरी है। कठिन दिनों में मदद मांगना ठीक है पर अपने प्रति दयालु रहें, खुद को माफ करें और ज्यादा उम्मीद न रखें। यही असली नवरात्रि की शक्ति है।’
बेटी में देखती हूं अपने गुण
‘मेरी मां हाल ही में 78 साल की हुईं। हम दोनों में जो चीज समान है, वह है जिद और फोकस। जब हम कुछ चाहते हैं, तो हम उसमें पूरी तरह से फोकस करते हैं और दृढ़ रहते हैं। यह गुण मैं अपनी बेटी में भी देखती हूं।’
नवरात्रि का असली अर्थ
‘यह दुनिया महिलाओं के बिना नहीं चल सकती। नारी शक्ति से ही जीवन चलता है, इसे कभी मत भूलिए। दुनिया के कई हिस्सों में नारी शक्ति का सम्मान किया जाता है, चाहे वह गर्भ की पूजा हो या भारत में शक्ति की पूजा।’
राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने