बोत्सवाना से 8 चीते कूनो पहुंचेंगे, फिर कहां जाएंगे, जानिए पूरा प्लान!
MP News: मध्य प्रदेश में एक बार फिर चीता लाए जाएंगे. अफ्रीकी देश बोत्सवाना ने भारत को 8 चीते सौंप दिए हैं. फिलहाल, इन्हें बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन के पास स्थित मोकोलोड़ी नेचर रिजर्व में क्वारंटीन में रखा गया है. क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद चीतों को दिसंबर या जनवरी के महीने में भारत लाया जाएगा. इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा.
कूनो में किया जाएगा क्वारंटीन
बोत्सवाना सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा के दौरान भारत को चीते सौंपे थे. आठ चीतों को सबसे पहले श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क लाया जाएगा. यहां उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा. इसके बाद तय किया जाएगी कि कहां इन चीतों को स्थायी तौर पर शिफ्ट किया जाएगा.
तीसरे आशियाने की तैयारी
मध्य प्रदेश में भारत का एकमात्र स्टेट है, जहां चीते हैं. कूनो और गांधीसागर अभ्यारण्य में चीतों को बसाया गया है. वर्तमान समय में कूनो में 27 चीते हैं. इनमें से कूनो में 24 और गांधीसागर में 3 चीते हैं. अब चीतों को सागर स्थित नौरादेही अभ्यारण्य में बसाने की तैयारी चल रही है. चीतों को बसाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. यहां कैंपा फंड से 5 क्वारंटीन बोमा और इतने ही सॉफ्ट बोमा बनाए जा रहे हैं.
पहली बार नामीबिया से चीते लाए गए
साल 2022 में पहली बार नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया था. इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में बने छोटे बाड़े में छोड़ा था. कुछ दिनों बाद इन्हें बड़े फिर खुले जंगल में छोड़ा गया. इस पार्क में चीतों की संख्या धीरे-धीरे 27 हो गई. दूसरी बार 12 चीते दक्षिण अफ्रीका लाए गए. अब तीसरी बार बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे, इनमें 6 मादा और 2 नर चीते हैं.
राशिफल 03 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
गुजरात सड़क हादसा: बस पलटने से दो लोगों की जान गई
Counting Center Row: सिब्बल ने TMC की धमकी पर जताया विरोध
बंगाल चुनाव 2026: 200 पार सीटों के साथ जीत का ममता का भरोसा
ईरान और अमेरिका के तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा पर सवाल
अमित शाह से मिलेंगे सीएम, बिहार मंत्रिमंडल पर होगी बड़ी चर्चा
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, सैन्य बयान से हलचल तेज
मैडम तुसाद में भारतीय सितारों का जलवा, दुनिया देख रही भारत की शान
मुरैना में अपराधियों का तांडव, घर पर फायरिंग की घटना
1.60 लाख करोड़ के बीमा लाभ से बिजली कर्मियों को बड़ा सहारा