अगर आपके पास वोट हैं, तो मेरे पास फंड, हमें रिजेक्ट करोगे तो हम भी...
डिप्टी सीएम अजित पवार के पंचायत चुनाव में दिए बयान पर सियासत गरमाई
पुणे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के मालेगांव में पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। दरअसल अजित पवार ने एक रैली में वोटर्स से कहा था कि अगर आपके पास वोट है, तो मेरे पास फंड है। विपक्ष ने इसे लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछा है।
बता दें अजित पवार ने कहा था कि अगर जनता उनकी पार्टी के उम्मीदवार को चुनेंगे तो वे शहर में फंड की कोई कमी नहीं होने देंगे, लेकिन यदि वे उन्हें रिजेक्ट करते हैं, तो वे भी रिजेक्ट कर देंगे। आपके पास वोट हैं, मेरे पास फंड है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार शुक्रवार को बारामती तहसील में मालेगांव नगर पंचायत चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे। पवार महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री भी हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने अजित पवार पर मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फंड आम लोगों के टैक्स से आता हैं, न कि अजित पवार के घर से। अगर पवार जैसे नेता वोटर्स को धमका रहे हैं, तो चुनाव आयोग क्या कर रहा है?” नगर पंचायत चुनाव 2 दिसंबर को होना हैं। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और बीजेपी समर्थित पैनल ने मालेगांव में गठबंधन किया है। मालेगांव बारामती का वह इलाका है, जहां अजित पवार परिवार का राजनीतिक प्रभाव है।
बता दें इससे पहले भी 26 सितंबर को अजित पवार मराठवाड़ा के धाराशिव में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। यहां पर उनका किसानों से बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कर्ज माफी की मांग पर गुस्सा करते नजर आ रहे हैं। जब एक किसान ने कर्ज माफी की मांग की तो डिप्टी सीएम अजित पवार ने गुस्से में कहा था- इसे मुख्यमंत्री बना दो! क्या तुम्हें लगता है कि हम कंचे खेलने आए हैं?
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