महादेव के गले की शोभा है ये सांप, हर दिन होता है इंसानों से सामना, क्या आप जानते हैं नाम?
भगवान शंकर के गले में जो सांप है. वह स्पेक्टिकल्ड कोबरा या गेहूंवन है. क़रीब 26 वर्षों से वाइल्ड लाइफ पर काम कर रहे एक्सपर्ट अभिषेक बताते हैं कि ये सांप भारत के चार सबसे विषैले सांपों में शामिल है. बिग फोर का हिस्सा माना जाता है.
सनातन धर्म में भगवान शंकर को जितना विनाशक बताया गया है, उससे कहीं ज्यादा दयालु भी कहा गया है.तन पर बाघ की छाल, हाथ में त्रिशूल और गले में रुद्राक्ष सहित सांपों की माला पहने देव आदि देव महादेव को सभी देवताओं से भिन्न दिखाया जाता है.
शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो महादेव की तस्वीर या प्रतिमा को देख उसमें खो न जाता हो.आश्चर्य की बात यह है कि हर दिन महाकाल के दर्शन के बावजूद भी बेहद कम लोगों को ही उनके गले में हार की लटकते सांप की जानकारी होती है.
इस लेख में हम आपको इस बात की ही जानकारी दे रहे हैं कि महादेव के गले की शोभा बढ़ाने वाला यह सांप आख़िरकार है कौन. क़रीब 26 वर्षों से वाइल्ड लाइफ पर काम कर रहे एक्सपर्ट अभिषेक बताते हैं कि भोलेनाथ के गले में लटके हुए सांप को जब भी हम देखेंगे, तो पाएंगे कि उसके फन पर आंख की आकृति बनी हुई है.
बकौल अभिषेक, धरती पर पाए जाने वाले सांपों की सभी प्रजातियों में सिर्फ स्पेक्टिकल्ड कोबरा ही एक ऐसा सांप है, जिसके फन पर आंख की आकृति बनी होती है, जो पीछे से चश्मे की तरह प्रतीत होती है.यही कारण है कि वैज्ञानिकों ने कोबरा की इस प्रजाति को स्पेक्टिकल्ड नाम दिया है.
ऐसे में यह कहा जा सकता है कि भगवान शंकर के गले की शोभा बढ़ाने वाला यह सांप कोई और नहीं, बल्कि स्पेक्टिकल्ड कोबरा ही है.भारत में इस सांप को गेहूंवन के नाम से जाना जाता है.यह एशिया के चार सबसे विषैले सांपों की सूची में सबसे पहले आता है.
कोबरा, करैत, रसल वाइपर और सॉ स्केल्ड वाइपर, यही वो चार सांप हैं जो भारत में सबसे अधिक दंश और उससे होने वाली मौतों के लिए जिम्मेवार हैं.यही कारण है कि इन्हें बिग फोर के नाम से जाना जाता है.इन चारों में से भी सिर्फ स्पेक्टिकल्ड कोबरा( गेहूंवन) ही ऐसा सांप है, जो देश के ज्यादातर भागों में बड़ी आसानी से देखा जाता है.
देश के ज्यादातर भागों में आसानी से पाए जाने की वजह से इंसानों से इनका सामना भी खूब होता है. ऐसी स्थिति में दंश के मामले कई गुना बढ़ जाते हैं. बेहद तीव्र और घातक न्यूरोटॉक्सिन विष से लैस इन सांपों के दंश के बाद पीड़ित को इलाज के लिए सिर्फ 30 से 45 मिनट का समय मिल पाता है.
राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर