नए साल से बदलेंगे आधार-पैन, बैंक और राशन के नियम
पटना। नए साल की शुरुआत के साथ ही आम लोगों से जुड़ी कई अहम सुविधाओं और नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खातों और राशन व्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार और संबंधित विभागों का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करना है। ऐसे में जरूरी है कि आम लोग इन नए नियमों की जानकारी समय रहते समझ लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सबसे बड़ा बदलाव आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर अपडेट को लेकर किया गया है। अब आधार कार्ड में मोबाइल नंबर वही अपडेट हो सकेगा, जो उसी व्यक्ति के नाम से रजिस्टर्ड सिम से जुड़ा होगा। यानी यदि आधार में किसी अन्य व्यक्ति के नाम का मोबाइल नंबर अपडेट कराने की कोशिश की गई, तो वह आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाएगा। अब तक लोग किसी भी परिचित या परिवार के सदस्य के नंबर से आधार अपडेट करवा लेते थे, लेकिन नए नियम के बाद ऐसा संभव नहीं होगा। आधार कार्ड बनवाते समय या अपडेट कराते समय जो मोबाइल नंबर दिया जाएगा, वह उसी व्यक्ति के नाम से होना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में सभी आधार सेवा केंद्रों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आधार केंद्रों पर रोजाना 10 हजार से अधिक लोग मोबाइल नंबर अपडेट कराने पहुंचते हैं। ऐसे में नए नियमों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे सही दस्तावेज और अपने नाम का मोबाइल नंबर लेकर ही आधार केंद्र जाएं। सरकार का मानना है कि इससे आधार से जुड़ी धोखाधड़ी और गलत अपडेट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी तरह आधार और पैन कार्ड को लिंक करने को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। यदि 31 दिसंबर तक आधार को पैन से लिंक नहीं किया गया, तो पैन कार्ड डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा। पैन के डीएक्टिव होने के बाद आयकर रिटर्न फाइल करना, बैंक से जुड़े कई वित्तीय लेनदेन और अन्य जरूरी कामों में गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा पैन को दोबारा सक्रिय कराने के लिए 1000 रूपये तक का जुर्माना भी देना होगा। ऐसे में जिन लोगों ने अब तक आधार-पैन लिंक नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। बैंक खातों से जुड़े नियमों में भी जनवरी से बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। अब तक कई लोग बैंक खाते में किसी और का मोबाइल नंबर दर्ज करवा कर भी काम चला लेते थे। लेकिन नए साल से नए खाताधारकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि बैंक खाते में वही मोबाइल नंबर दिया जाए, जो खाताधारक के नाम से रजिस्टर्ड हो। इसके साथ ही पुराने खाताधारकों के मोबाइल नंबर को भी चरणबद्ध तरीके से अपडेट किया जाएगा। अब बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर पूरी तरह खाता धारक आधारित होगा। इसके लिए दूरसंचार विभाग और बैंकों के बीच समन्वय किया जा रहा है। जो लोग नया खाता खोलना चाहते हैं, उन्हें अपने नाम का मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा नए साल से राशन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जनवरी से जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए मिलने वाले अनाज की मात्रा में बदलाव होगा। अब हर लाभार्थी परिवार को 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल दिया जाएगा। इससे पहले तक प्रत्येक परिवार को 7 किलो गेहूं और 28 किलो चावल मिलता था। इस बदलाव का उद्देश्य परिवारों की पोषण आवश्यकताओं को संतुलित करना और अनाज वितरण को बेहतर बनाना है।
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