धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था से किसान को मिल पूरा मूल्य
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिब मूल्य मिल रहा है, जिसके कारण किसानों के लिए खेती लाभदायक हो गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। कोरबा विकासखंड के ग्राम गोंढ़ी निवासी किसान रंजीत डहरिया ने शासन की इस किसान-हितैषी व्यवस्था का लाभ उठाते हुए धान बेचकर अपनी मेहनत का पूरा मूल्य हासिल किया है। डहरिया लगभग 6 एकड़ कृषि भूमि पर धान की खेती करते हैं। खरीफ विपणन वर्ष के दौरान उन्होंने सहकारी समिति नकटीखार में 102 क्विंटल धान का विक्रय किया। धान विक्रय के समय समिति में तौल, पंजीयन एवं भुगतान की समस्त प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
शासन द्वारा घोषित मूल्य पर धान विक्रय तथा राशि का समय पर सीधे बैंक खाते में भुगतान होने से डहरिया की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपनी बहन के विवाह में किया, जिससे परिवार की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बिना किसी ऋण के पूरी हो सकी। रंजीत डहरिया के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शी एवं त्वरित धान खरीदी नीति किसानों को न केवल उनकी फसल का उचित मूल्य दिला रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक एवं खुशहाल जीवन की ओर अग्रसर भी कर रही है।
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