क्या आप भी बार-बार खाते हैं पेनकिलर्स, जानें ये सेहत के लिए कितने खतरनाक?
आज की तेज भागती जिंदगी में दर्द होना जैसे आम बात हो गई है. सिरदर्द हो, कमर दर्द, जोड़ों में दर्द, पीरियड्स का दर्द या फिर हल्का बुखार, हममें से ज्यादातर लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे सीधे मेडिकल स्टोर जाकर एक पेनकिलर खा लेते हैं. लोग आइबुप्रोफेन, डायक्लोफेनाक, नेप्रोक्सन या टाइलेनॉल जैसी दवाइयां बार-बार लेने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो दवा आपको तुरंत आराम देती है, वही धीरे-धीरे आपके शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा सकती है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट और डॉक्टरों की चेतावनी ने यह साफ कर दिया है कि बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर्स लेना खतरनाक आदत बन सकती है. तो आइए जानते हैं कि बार-बार पेनकिलर्स लेना सेहत के लिए कितना खतरनाक है.
पेनकिलर्स कितनी ज्यादा ली जा रही हैं?
एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, दुनिया भर में हर साल 1 अरब से ज्यादा बार NSAIDs (दर्द निवारक दवाइयां) दी जाती हैं. करीब 3 करोड़ लोग रोजाना इन दवाओं का सेवन करते हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि दर्द की गोली अब जरूरत नहीं, बल्कि आदत बनती जा रही है. NSAIDs का मतलब नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स है. ये ऐसी दवाइयां हैं जो दर्द कम करती हैं, सूजन घटाती हैं, बुखार उतारती हैं. इनका यूज आमतौर पर सिरदर्द, सर्दी-ज़ुकाम, फ्लू या कोरोना, मोच, खिंचाव, पीरियड्स का दर्द और गठिया (Arthritis)ल जैसी समस्याओं में किया जाता है.
बार-बार पेनकिलर्स लेना सेहत के लिए कितना खतरनाक है
1. पेनकिलर्स आंतों को नुकसान - लोग आइबुप्रोफेन जैसी पेनकिलर्स दवाइयां लेते हैं, उनमें से 75 प्रतिशत लोगों की आंतों में सूजन आ जाती है. हर 4 में से 1 व्यक्ति को पेट में अल्सर हो सकता है. पेनकिलर्स आंतों तक खून पहुंचाने वाली छोटी-छोटी नसों में ब्लड फ्लो कम कर देती हैं. जब आंतों को पूरा खून नहीं मिलता तो आंतों की परत कमजोर हो जाती है, बैक्टीरिया और जहरीले तत्व शरीर में घुसने लगते हैं, सूजन और जलन शुरू हो जाती है इसके लक्षण पेट दर्द, जलन, उल्टी, काले रंग का मल, IBS जैसी समस्याएं हो सकते हैं.
2. किडनी और लिवर पर भी पड़ता है असर - पेनकिलर्स किडनी की नसों को भी प्रभावित करती हैं. धीरे-धीरे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है. कई बार तब पता चलता है जब नुकसान बहुत बढ़ चुका होता है. इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि समय-समय पर ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट कराना चाहिए.
3. लिवर के लिए भी खतरा - टाइलेनॉल जैसी पेनकिलर्स दवाइयां लोग सुरक्षित मानते हैं, लेकिन अमेरिका में 50 प्रतिशत से ज्यादा लिवर फेलियर के मामलों की वजह यही दवा है. खासतौर पर सर्दी-जुकाम में कई दवाओं में टाइलेनॉल मिला होता है. अनजाने में ओवरडोज हो जाता है, इसलिए दवा लेने से पहले लेबल पढ़ना बेहद जरूरी है.
4. सिरदर्द की दवा सिरदर्द बढ़ा सकती है - एक्सपर्ट्स का कहना है अगर आप महीने में 10–15 दिन से ज्यादा पेनकिलर लेते हैं, तो शरीर उन पर निर्भर हो जाता है. दवा न लेने पर सिरदर्द शुरू हो सकता है. इसे Medication Overuse Headache कहते हैं.
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