जावेद अख्तर ने रिजेक्ट की ‘बॉर्डर 2’, बोले- नई फिल्म बना रहे हो तो नए गाने भी बनाओ या मान लो कि…
Border 2: ‘बॉर्डर 2’ साल 2026 की मोस्ट अवेटेड फिल्म है। ये फिल्म 23 जनवरी के दिन थिएटर्स में दस्तक देने वाली है। जावेद अख्तर, जिन्होंने ‘बॉर्डर’ के कई सारे गाने लिखे थे, उन्होंने बताया कि ‘बॉर्डर 2’ के लिए भी मेकर्स ने उनके पास आए थे। हालांकि, उन्होंने ‘बॉर्डर 2’ का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया। क्यों? इसका भी जवाब जावेद अख्तर ने अपने इंटरव्यू में दिया है। आइए बताते हैं।
क्या बोले जावेद अख्तर?
जावेद अख्तर ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा, “मेकर्स आए थे मेरे पास, ‘बॉर्डर 2’ के लिए, लेकिन मैंने मना कर दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके पास एक पुराना गाना है, जो पहले से ही हिट है और वो उसमें थोड़ा-सा बदलाव करके उसे फिर से रिलीज करना चाहते हैं। ये कोई बात हुई? नए गाने बनाओ या फिर मान लो कि आप उस लेवल का काम नहीं कर सकते।”
बॉर्डर 2 ट्रेलर
जावेद अख्तर का फूटा गुस्सा
जावेद अख्तर ने आगे कहा, “जो बीत गया, उसे वैसा ही रहने दो। उसे रीक्रिएट करने की क्या जरूरत है? जब हम ‘बॉर्डर 1’ (1997) के लिए गाने लिख रहे थे तब हमारे सामने भी एक फिल्म थी, हकीकत (1964) और उसके गाने मामूली नहीं थे। चाहे वह ‘कर चले हम फिदा’ हो या ‘मैं यह सोचकर उसके दर से उठा था’। वे बहुत शानदार गाने थे। लेकिन हमने उनका इस्तेमाल नहीं किया। हमने नए गाने लिखे, हमने बिल्कुल अलग गाने बनाए और लोगों को वे पसंद भी आए। आप फिर से फिल्म बना रहे हैं, तो नए गाने बनाओ। आप अतीत पर क्यों निर्भर हैं? इसका मतलब ही यही है कि आपने मान लिया है कि हम नहीं कर सकते। हम पिछली शान के साथ जिएंगे।”
‘बॉर्डर 2’ की स्टार कास्ट
अनुराग सिंह के निर्देशन में बन रही इस आइकॉनिक फिल्म में सनी देओल की वापसी हो रही है। उनके साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी, दुश्मनों से लड़ते नजर आएंगे। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से प्रेरित है
“जनता हमारे साथ है”—सीएम ममता बनर्जी का आत्मविश्वास भरा बयान
DGP सिद्ध नाथ को मिला एक्सटेंशन, चुनाव बाद 7 दिन और रुकेंगे केंद्रीय बल
गुजरात में AAP संकट में, प्रदेश महामंत्री सागर रबारी ने छोड़ा पद
अभिभावकों में नाराजगी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं से कराया अवगत
FTA पर मुहर: भारत से न्यूज़ीलैंड जाने वाला सामान पूरी तरह टैक्स-फ्री
स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी—लाइफस्टाइल बीमारियां सबसे बड़ा खतरा
अब तक 1500 से ज्यादा पेड़ लगाकर पेश की मिसाल