सुसाइड नोट में बड़ा खुलासा: “इन्हें माफी नहीं मिलनी चाहिए”
बिलासपुर|जांजगीर-चांपा जिले में एक छात्र ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली और युवक ने 12 पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है.उस सुसाइड नोट में स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक पर प्रताड़ना का आरोप है.जिसके बाद परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
12वीं के छात्र ने लगाई फांसी
ये पूरा मामला मुलमुला के आरसमेटा गांव का है, 12वीं कक्षा के एक छात्र ने सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक छात्र का नाम कमलेश जायसवाल बताया जा रहा है।. कमलेश जायसवाल एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहा था. सुसाइड नोट में छात्र ने स्कूल के प्राचार्य और कुछ शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है. छात्र ने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.वहीं घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरसमेटा गांव में चक्काजाम भी कर दिया था.
छात्र ने प्रिंसिपल और एक शिक्षक पर लगाया आरोप
जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र 12वीं की परीक्षा में फेल हो गया था, जिसके बाद उसने अपना स्कूल बदल लिया था. बताया जा रहा है कि फेल होने के बाद से छात्र मानसिक रूप से परेशान रहता था और आखिर में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. छात्र के कमरे से जो पांच पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, उसमें उसने अपनी मौत के लिए पुराने स्कूल के प्रिंसिपल और एक शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया है.
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परिजनों ने किया चक्काजाम
वहीं छात्र की मौत के बाद पूरे गांव में शोक और गुस्से का माहौल बन गया. परिजनों ने दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर शव को बीच सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया. वहीं मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया. फ़िलहाल पुलिस ने अब सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है.
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