विमान हादसे में नेताओं की मौत: संजय गांधी से लेकर YSR तक, जानिए प्रमुख घटनाएं
Plane Crash: देश और दुनिया में विमान हादसे में नेताओं की मौत की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिन्होंने राजनीति और जनता दोनों को झकझोर दिया। हाल ही में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की विमान हादसे में मौत की खबर ने सनसनी फैला दी। यह विमान मुंबई से बारामती जा रहा था और सुबह करीब 8:45 बजे लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें सभी यात्रियों की जान चली गई।
भारत में विमान हादसे में जान गंवाने वाले पहले बड़े नेताओं में संजय गांधी का नाम शामिल है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी विमान उड़ाने के शौकीन थे। 23 जून 1970 को दिल्ली में विमान उड़ाते समय उनका प्लेन क्रैश हो गया और इस हादसे में उनकी मौत हो गई।
इसके बाद 30 सितंबर 2001 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधवराज सिंधिया का विमान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।
3 मार्च 2002 को लोकसभा स्पीकर डॉ. जी.एम.सी. बालयोगी भी विमान हादसे का शिकार हुए। आंध्र प्रदेश में हुए इस क्रैश में उनकी जान चली गई। वहीं, 2 सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (YSR) का हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।
हाल के वर्षों में भी विमान हादसे में नेताओं की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। 12 जून 2025 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी, जब वे अहमदाबाद से लंदन जा रहे थे।
राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर