राहुल गांधी और कनिमोझी के बीच चली घंटे भर बैठक पर गठबंधन के लिए नहीं बन सकी सहमति
नई दिल्ली। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस और डीएमके के बीच गठबंधन को लेकर चल रही असहजता के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और डीएमके सांसद कनिमोझी के बीच एक अहम बैठक हुई। दिल्ली में बुधवार को हुई यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली, लेकिन गठबंधन की कार्ययोजना या सीटों के बंटवारे को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक डीएमके की पहल पर हुई थी, ताकि अपने पुराने सहयोगी कांग्रेस के साथ तालमेल को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, बैठक के दौरान किसी भी तरह के आंकड़ों या फार्मूले पर चर्चा नहीं हुई। राहुल गांधी ने कनिमोझी से आग्रह किया कि इस विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा गठित नेताओं की समिति के साथ बातचीत की जाए और उसी मंच पर गठबंधन से जुड़े मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाए। कांग्रेस सूत्र बता रहे हैं, कि बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा, लेकिन निर्णय आगे की बातचीत पर छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु में करीब दो दशक पुराने इस गठबंधन में इस बार तनाव की स्थिति है। इसकी मुख्य वजह कांग्रेस की राज्य इकाई की ओर से सरकार में हिस्सेदारी की मांग बताई जा रही है, जिसे डीएमके ने स्वीकार नहीं किया है। कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं ने झारखंड मॉडल की तर्ज पर तमिलनाडु में भी सत्ता में भागीदारी की मांग उठाई है। इसी पृष्ठभूमि में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) नेतृत्व ने सभी प्रमुख राज्य नेताओं की बैठक बुलाकर उनके विचार सुने। बैठक के बाद यह तय किया गया कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा।
तमिलनाडु में डीएमके के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस के राज्य प्रभारी गिरीश चोडंकर ने एक बातचीत के दौरान कहा, कि गठबंधन वार्ता अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है और कांग्रेस डीएमके की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा, हम पिछले दो महीनों से इंतजार कर रहे हैं। हमारा विपक्ष काफी आक्रामक तरीके से काम कर रहा है। नवंबर में हमने गठबंधन समिति का गठन किया था और अनुरोध किया था कि 15 दिसंबर तक बातचीत पूरी कर ली जाए, लेकिन अभी तक देरी हो रही है।
ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं, जब तमिलनाडु में इस साल के पहले छह महीनों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, हालांकि भारतीय चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 2021 के चुनावों में डीएमके ने 133 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं, जबकि पीएमके ने 5, वीसीके ने 4 और अन्य दलों ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और डीएमके के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो सकती है, क्योंकि दोनों दल चुनाव से पहले किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।
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