एक पता, एक मोबाइल नंबर… गाजियाबाद में कैसे बन गए 25 पासपोर्ट?
गाजियाबाद: गाजियाबाद जिले में एक ही पते पर 25 पासपोर्ट बनने का मामला सामने आया है. सभी पासपोर्ट पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज है. जैसे ही इस जालसाजी की जानकारी पुलिस को हुई, इसकी सूचना पासपोर्ट विभाग को दी. मामले में 25 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. पुलिस और पासपोर्ट विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है. घटना जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र की है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि 25 लोगों के नाम पर जो पासपोर्ट बने हैं. उन सभी का एड्रेस एक है और सभी फार्मो पर एक ही मोबाइल नंबर लिखा गया है. ये सभी पासपोर्ट अगस्त से लेकर सितंबर तक 2022 के बीच बनवाए गए थे. आशंका है कि यह देश में किसी बड़ी अनहोनी करने के लिए तो नहीं बनवाए गए या फिर कोई गैंग फर्जी पासपोर्ट बनाने का काम कर रहा है. पुलिस इसमें पासपोर्ट विभाग की मिलीभगत की भी जांच कर रहा है.
भोजपुर थाने में 25 लोगों के खिलाफ मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है. उनमें अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघा राणा, राजकुमारी दलजीत सिंह, महेंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह आदि के अलावा पोस्टमैन अरुण कुमार का भी नाम शामिल है. सभी पर आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है. जिले के तीन गांवों में ऐसा मामला सामने आया है.
अरुण कुमार 12 सालों से पोस्टमैन का काम करता है और भोजपुर की डाक बनाता है. एक मामले में पुलिस उसके पास पूछताछ करने गई थी. उस दौरान पोस्टमैन ने पुलिस को बताया कि लगभग 5 महीने पहले विवेक गांधी और प्रकाश नाम के दो लोग उसके पास आए थे, जिन्होंने उसे बताया था कि हमारे पासपोर्ट आएंगे और उन पर जो पता लिखा हुआ है, उस पर पासपोर्ट मत भेजना. वह पासपोर्ट हमें भेज देना. इसके लिए दोनों युवकों ने पोस्टमैन को प्रति पासपोर्ट 2000 रुपए देने की बात कही. अरुण पैसों की लालच में आ गया और जो भी पासपोर्ट संबंधित पते के लिए आता, वह प्रति पोसपोर्ट 2000 रुपए लेकर उन्हें दे देता.
पोस्टमैन का नाम पुलिस ने केस में तो शामिल कर लिया, लेकिन क्या बिना पासपोर्ट अधिकारी और पुलिस वेरिफिकेशन के पासपोर्ट बनकर एक ही पते पर आ सकता था. इस बात को बताने में पुलिस परहेज कर रही है. पुलिस ने इतने बड़े मामले के लिए कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं की. वहीं इस मामले में पासपोर्ट विभाग ने भी अपना कोई बयान नहीं जारी किया. ऐसे में दोनों विभागों की लापरवाही सामने आ रही है.
पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया में पुलिस की ओर से वेरिफिकेशन किया जाता है. वहीं इसके बाद पासपोर्ट विभाग के अधिकारी भी फार्म की जांच करते हैं. अब सवाल यह उठता है कि पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट आफिस की जांच के बाद भी एक ही पते पर 25 पासपोर्ट कैसे बन गए. इन सभी सवालों पर पुलिस अभी मौन है.
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी आरोपी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हर पहलू से जांच कर रही है.
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