पहली बार सदन की कार्यवाही देखकर भावुक हुए पूर्व नक्सली
आत्ससमर्पित नक्सलियों ने पहली बार विधानसभा की कार्यवाही देखी. गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ करीब 125 नक्सली विधानसभा का भ्रमण किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी. डिप्टा CM विजय शर्मा ने खुद उन्हें विधानसभा घुमाया.इनमें 1 करोड़ का इनामी रुपेश भी शामिल है. वहीं, झीरम हमले का मास्टरमांड, 25 लाख इनामी चैतू भी कार्यवाही देखने आया है. 3 महीने पहले इसने जगदलपुर में सरेंडर किया था।
सरेंडर नक्सलियों का सरकार ऐसे ही करेगी स्वागत – विजय शर्मा
विजय शर्मा ने कहा कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों का सरकार ऐसे ही स्वागत करेगी. आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सदन में बैठकर कार्यवाही देखी. बस्तर के कोने-कोने तक संविधान को पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।
गृह मंत्री के बंगले पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने किया था डिनर
इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे. निवास पर उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था और फूलों से स्वागत किया गया. रात्रिभोज के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति की जानकारी दी गई।
डेडलाइन में करीब एक महीने बाकी
कुछ दिनों पहले नक्सलियों के बड़े कमांडरों में गिने जाने वाले देवजी ने सरेंडर किया था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए दी गई हेडलाइन में अब करीब एक महीने का समय बचा है. डेडलाइन 31 मार्च 2026 की दी गई है. गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि 2937 नक्सलियों ने पुनर्वास किया है. 1496 नक्सलियों पर कुल 5.64 करोड़ रुपये इनाम रखा गया था।
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर
बालोद में असर दिखा रही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
प्रत्येक विधानसभा में खुलेगी "कृषि यंत्र किराये की दुकान"