स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों को मिला आजीविका का सहारा
रायपुर : जिले के विकासखंड लोरमी के ग्राम महरपुर की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों को आजीविका का सहारा मिल गया है। समिति के सदस्यों द्वारा पट्टे पर प्राप्त भरत सागर जलाशय एवं गब्दा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन कर आर्थिक रूप से सशक्तकरण की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। समिति द्वारा करीब 96 हेक्टेयर जलक्षेत्र में फैले इन जलाशयों में भारतीय मेजरकार्प लोकल मछली प्रजातियों का संतुलित संवर्धन किया जा रहा है। समिति ने विभागीय मार्गदर्शन में 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रतिदिवस मत्स्य बीज संचयन का लक्ष्य अपनाया, जिससे उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई।
वर्तमान में समिति को मत्स्य पालन से प्रतिवर्ष लगभग 01 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है, जिससे सदस्यों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। समिति के अध्यक्ष श्री दिनेश धीवर के नेतृत्व में 40 से अधिक सदस्य संगठित रूप से कार्य कर रहे हैं। मत्स्य विभाग द्वारा सदस्यों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। जलाशयों में 50 प्रतिशत अनुदान पर मत्स्य बीज संचयन, नियमित निगरानी एवं गुणवत्तापूर्ण आहार प्रबंधन जैसे उपायों ने उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। समिति द्वारा उत्पादित मछलियों की स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है। प्रतिदिन औसतन 100 किलोग्राम मछली विक्रय कर समिति न केवल आर्थिक लाभ अर्जित कर रही है, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। इससे ग्रामीणों को गांव में ही आजीविका का स्थायी साधन उपलब्ध हुआ है।
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