पेंच की मशहूर लंगड़ी बाघिन ने दुनिया को कहा अलविदा, जंगल प्रेमियों में शोक
सिवनी/छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश की सबसे सीनियर लंगड़ी बाघिन ने इस दुनिया को अलविदा कहकर पेंच नेशनल पार्क को सूना करके चली गई है. लंगड़ी बाघिन की मौत की खबर सुनते ही पर्यटकों में मायूसी छा गई है. करीब 18 साल की उम्र में टाइगर रिजर्व में लंगडी बाघिन ने आखिरी सांस ली.
मध्य प्रदेश की सबसे उम्रदराज थी लंगड़ी बाघिन
मध्य प्रदेश की सबसे सीनियर बाघिन ने शनिवार को सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में आखिरी सांस ली. इसे T 20 (PN 20) के नाम से जाना जाता था. इस बाघिन की मौत ज्यादा उम्र होने और शारीरिक कमजोरी की वजह से हुई है. पेंच प्रबंधन ने नियम अनुसार कार्रवाई करते हुए बाघिन का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया पर्यटकों के बीच यह बाघिन प्रसिद्ध थी.
कमजोर हो गई थी लंगड़ी बाघिन, खुद नहीं कर पा रही थी शिकार
सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर देवप्रसाद जे ने बताया कि "प्रसिद्ध एवं वरिष्ठतम बाघिनों में से एक टी-20 (पीएन-20), जिसे 'लंगड़ी बाघिन' के नाम से भी जाना जाता था सुबह लगभग 10:30 बजे कर्माझिरी रेंज के मुनारा कैम्प के पास मृत अवस्था में पाई गई. साल 2008 में जन्मी इस बाघिन की उम्र लगभग 18 वर्ष थी, जो पेंच टाइगर रिजर्व में सबसे अधिक उम्र तक जीवित रहने का रिकॉर्ड है. पेंच टाइगर रिजर्व की यह बाघिन 6 मार्च 2026 को आखिरी बार पर्यटकों को दिखाई दी थी. पिछले काफी समय से बाघिन शारीरिक रूप से कमजोर हो गई थी जिसकी वजह से वह खुद भी शिकार नहीं कर पाती थी. दूसरे जानवरों के द्वारा किया हुआ शिकार खाकर जिंदगी काट रही थी."
लंगड़ी बाघिन’ के नाम से थी फेमस
T 20 पेंच टाइगर रिजर्व की विश्वविख्यात 'कॉलरवाली' बाघिन की बहन थी. कर्माझिरी परिक्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में इसका विचरण रहा है. सामने के पंजे में जन्मजात विकृति के कारण यह बाघिन हल्का लंगड़ाकर चलती थी, जिसके कारण यह पर्यटकों के बीच 'लंगड़ी बाघिन' के नाम से प्रसिद्ध हो गई थी.
T 20 ने बाघों की संख्या बढ़ाने में दिया अहम योगदान
लंगड़ी बाघिन T-20 ने अपने जीवनकाल में कुल 10 शावकों को जन्म दिया, जिन्होंने पेंच टाइगर रिजर्व और इसके आसपास के इलाकों में अपने-अपने क्षेत्र स्थापित कर बाघों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया.
बाघिन के निधन पर सिवनी के मुख्य वन संरक्षक और पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा भावभीनी और सम्मानपूर्वक विदाई दी गई. T 20 (पीएन-20) को NTCA की निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करते हुए वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक और स्थानीय पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम के बाद भस्मीकरण किया गया.
मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह
अखंड प्रचण्ड पुरुषार्थी आशीष ऊषा अग्रवाल
हाईटेक सुविधाओं से लैस सेंटर तैयार, खिलाड़ियों को मिलेगा प्रोफेशनल माहौल
बदलेंगे गर्भपात के नियम? एम्स की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिए सख्त संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ेगी छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी
“अटूट विश्वास ने बदली जिंदगी” – सुधा चंद्रन का भावुक बयान
फैंस बोले- “जल्दी ठीक हों”, सोशल मीडिया पर दुआओं की बाढ़
Katrina Kaif बनीं सहारा, सिखाया कॉन्फिडेंस का मंत्र
Rishi Kapoor की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया पर उमड़ा प्यार
आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी, लोग घरों से बाहर निकले