विदेश नीति पर बयान को लेकर तनातनी: जयशंकर पर थरूर का सवाल
नई दिल्ली । केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मिडिल ईस्ट के हालात पर संसद में बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। गल्फ देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। ताजा हालात को देखकर उन्हें सुरक्षित भारत लाने का ऑपरेशन तेजी से जारी है। हालांकि, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस जयशंकर के बयान से संतुष्ट नहीं है। पार्टी ने दो टूक कहा कि पश्चिम एशिया के मुद्दे पर वे चर्चा चाहते हैं। वहीं इस मामले पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है।
थरूर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर विदेश मंत्री जयशंकर के बयान को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका बयान सुना है, लेकिन हम इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं। यह एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। देश इससे बुरी तरह प्रभावित है। हमारी ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है।
थरूर ने कहा कि सोमवार सुबह तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई। कतर से गैस की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी गई है। फिलहाल कतर से हमारे कारखानों को भारत में गैस नहीं मिल रही है। हम पूर्वी देशों से गैस प्राप्त कर सकते हैं।
थरूर ने कहा कि परसों ही एलपीजी की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई, और निश्चित रूप से, पेट्रोल भी महंगा होगा। इसलिए यह सब हमारे देश के लिए एक गंभीर समस्या बनने वाला है। इसके बाद हमें सरकार से एक बहुत ही जिम्मेदार और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता की उम्मीद है।
थरूर ने कहा कि सदन में बिना चर्चा के बस बयान पढ़ देना गलत है। यही वजह है कि जयशंकर के बयान पर कांग्रेस पार्टी ने नाराजगी जाहिर की है। थरूर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों को लेकर कई अहम सवाल हैं। संसद ऐसी जगह है जहां इन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हम ये नहीं कह रहे कि हम सरकार हैं।
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