यह युद्ध इस्लाम और मुस्लिमों के खिलाफ है, हम किसी भी घटनाक्रम के लिए तैयार
रियाद। ईरान और अमेरिका में युद्ध के बीच यमन के हूतियों ने बड़ा ऐलान किया है। यमन के हूती नेता अब्दुल मलिक अल हूती ने इस जंग को इस्लाम और मुस्लिमों के खिलाफ युद्ध बताया है। अब्दुल मलिक ने ऐलान किया कि उनका संगठन ईरान के साथ खड़ा है। उसने कहा कि हम इस इलाके में लड़ाई के किसी भी घटनाक्रम के लिए तैयार हैं। अपने भाषण में मलिक ने चेतावनी दी कि इस लड़ाई के निशाने पर पूरा इलाका है। अब तक हूती विद्रोही इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई से दूर थे लेकिन अब वे तेहरान के साथ आते दिख रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हूतियों के इस ऐलान से सऊदी की धड़कन तेज हो गई है जो लाल सागर से तेल के निर्यात के लिए तैयारी कर चुका है। अमेरिका के इस हमले में अब तक 1300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 10 हजार लोग घायल हुए हैं। ईरान लगातार सऊदी अरब से लेकर यूएई तक में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। यही नहीं ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। इससे सऊदी अरब, कतर, यूएई, ओमान, कुवैत, बहरीन का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सऊदी अरब ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बाद लाल सागर के रास्ते तेल सप्लाई की योजना पर काम तेज कर दिया है लेकिन अब हूतियों के ऐलान से बड़ा खतरा पैदा हो गया है। हूतियों का एक हमला दुनियाभर में तेल की कीमतों में आग लगा सकता है। सऊदी अरब को बहुत पहले ही इस बात का डर था कि ईरान कभी भी होर्मुज से तेल की सप्लाई को रोक सकता है। इसी वजह से उसने 1980 के दशक में अपने रेगिस्तानी इलाके से एक तेल पाइपलाइन को लाल सागर तक बनाया था।
सऊदी कंपनी आरामको के चीफ ने कहा था कि वे अब ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन के जरिए तेल की आपूर्ति को तेज करने जा रहे हैं। ईरान के होर्मुज को बंद कर देने की वजह से दुनिया में तेल की सप्लाई में भारी कमी आई है। अगर यह पाइपलाइन पूरी तरह से शुरू हो जाती है तो इससे हर दिन 70 लाख बैरल तेल भेजा जा सकेगा। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के अबकैब तेल इलाके से लाल सागर के यान्बू पोर्ट तक जाती है।
मिडिल ईस्ट मामलों के एक्सपर्ट का कहना है कि यही वजह है कि हूती अहम हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी के यांबू पोर्ट से एशिया को तेल भेजने के लिए उसे बाब अल मंदेब से गुजरना होगा। यह हूतियों का गढ़ है। यही नहीं इस पूरे में इलाके में हूती कहीं भी ड्रोन हमला करने की ताकत रखते हैं। हूतियों के पास पहले से ही बड़ी मात्रा में ईरानी आत्मघाती ड्रोन हैं। ये ईरानी ड्रोन अभी पूरे मिडिल ईस्ट में तबाही मचाए हुए हैं। लाल सागर में पिछले कुछ महीनों में हूती कई बार इजराइल और अमेरिका के तेल टैंकरों को निशाना बना चुके हैं।
इंतजार खत्म! छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं का रिजल्ट
शहरी गैस नीति 2026 को मिली मंजूरी, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
ICC स्तर पर भी मामले पर नजर बनाए जाने की संभावना
Shaun Pollock ने RCB के सर्वश्रेष्ठ कप्तान को लेकर दिया बड़ा बयान
मतदान की रफ्तार धीमी, TMC ने EVM को ठहराया जिम्मेदार
शराब दुकानों पर डिजिटल निगरानी, QR कोड से चेक होगी कीमत
गंगा एक्सप्रेसवे से सियासी संदेश, पीएम मोदी ने सपा को घेरा
Ranveer Singh के साथ फिर बनेगी दमदार जोड़ी
टीम की सह-मालकिन Preity Zinta की टीम पर भारी पड़ा राजस्थान