नक्सलवाद पर संसद में गरजे Amit Shah, कहा– ‘गोली का जवाब गोली से
Parliament Session: नक्सलवाद के मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में बयान दे रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है. हर गांव में स्कूल बनाने की मुहिम चली, राशन की दुकान खोलनी की मुहिम चली. गैसे के चूल्हे वितरित हो रहे हैं. मेरा सवाल उन लोगों से है जो नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे ये अब तक क्यों नहीं हुआ.
लाल आंतक की परछाई खत्म हो चुकी है-अमित शाह
उन्होंने कहा ‘बस्तर पर लाल आंतक की परछाई थी जो अब लगभग हट चुकी है. अब जिले में स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं. बीस हजार युवा मारे गए कई दिव्यांग हो गए. क्या इसे देश की सबसे बड़ी पंचायत ने इस पर चिंतन नहीं करना चाहिए. वामपंथी विचारधारा ही नक्सलवाद का कारण थी.’ उन्होंने आगे कहा ‘ नक्सलवाद का मूल कारण विकास की मांग नहीं है बल्कि एक विचारधारा है. जिसे राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए 1970 से इंदिरा जी ने स्वीकार कर लिया. जिससे ये फैलता चला गया.’
आज वामपंथ उग्रवाद समाप्त हो रहा है- अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा कि आज वामपंथ उग्रवाद समाप्त हो रहा है, उसमें जनता का भी साथ है और जो जवान शहीद हुए. जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबकुछ बलिदान कर दिया. उन्हें याद करना चाहता हूं. इस विचारधारा का विकास से कोई ताल्लुक नहीं. जब हम आजाद हुए हमने कहा सत्यमेव जयते. इनका कहना है कि सत्ता बंदूक की नोंक से निकलती है.
गृहमंत्री ने बताया अभी तक क्यों नहीं हुआ आदिवारियों का विकास?
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि मैं आज जो ये कांग्रेसी हमेशा कहते रहते हैं कि आदिवासियों का विकास क्यों नहीं हुआ तो मैं एक सवाल पूछना चाहता हूं कि 60 साल तो ये पार्टी सत्ता में थी, फिर आदिवासियों का विकास क्यों नहीं किया. असम में विकास को वामपंथी उग्रवादियों ने सालों तक नहीं पहुंचने दिया जो अब मोदी सरकार में हर जगह जा रहा है. नक्सलवाद की वजह से यहां सालों तक गरीबी रही. इसकी जड़े गरीबी से जुड़ी नहीं है बल्कि वैचारिक है.
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