बाजार में तरलता संतुलित करने की दिशा में बड़ा कदम
नई दिल्ली। भारतीय कॉरपोरेट और वित्तीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण घटनाक्रम दर्ज किए गए हैं, जो ऊर्जा आपूर्ति, नकदी प्रबंधन और कॉर्पोरेट नेतृत्व की दिशा तय करते हैं। एक तरफ जहां देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया (सीआईएल) ने बढ़ती लागत का बोझ खुद उठाकर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है, वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी के प्रबंधन के लिए बड़े कदम की घोषणा की है। इसके अलावा, महारत्न कंपनी भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) को संजय खन्ना के रूप में नया अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मिला है।
कोल इंडिया ने उठाया बढ़ती लागत का बोझ, उत्पादन में गिरावट
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया ने विस्फोटकों और औद्योगिक डीजल की बढ़ती कीमतों के झटके को खुद अवशोषित कर लिया है ताकि इसका व्यापक असर उपभोक्ताओं पर न पड़े और किफायती दामों पर कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। पश्चिम एशिया संकट के बाद से अमोनियम नाइट्रेट (विस्फोटकों का 60% हिस्सा) की कीमत युद्ध-पूर्व के 50,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन से 44 प्रतिशत बढ़कर 1 अप्रैल 2026 तक 72,750 रुपये प्रति मीट्रिक टन हो गई है। इसके परिणामस्वरूप मार्च अंत तक विस्फोटकों की औसत लागत 26 प्रतिशत बढ़ गई है। इसी तरह, मध्य मार्च 2026 से 1 अप्रैल 2026 के बीच औद्योगिक डीजल की कीमत 92 रुपये से बढ़कर 142 रुपये प्रति लीटर (54% की वृद्धि) हो गई है। इन सबके बावजूद, CIL की कुछ सहायक कंपनियों ने सिंगल विंडो ई-ऑक्शन में कोयले का रिजर्व प्राइस घटाया है और ऑक्शन की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई है। हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कोयला उत्पादन 1.7 प्रतिशत गिरकर 768.1 मिलियन टन रह गया है।
आरबीआई का दो लाख करोड़ का वीआरआर ऑक्शन
बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त तरलता को संतुलित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक शुक्रवार को 2 लाख करोड़ रुपये का 7-दिवसीय वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो ऑक्शन आयोजित करेगा। सरकारी प्रतिभूतियों के परिपक्व होने के कारण बैंकिंग सिस्टम में भारी नकदी अधिशेष हो गया है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 9 अप्रैल तक बैंकिंग सिस्टम में लगभग 4.55 लाख करोड़ रुपये का अधिशेष होने का अनुमान है। 8 अप्रैल को 31,329 करोड़ रुपये के जीसेक्स परिपक्व हुए हैं, जबकि 12 और 17 अप्रैल को भी बड़ी राशि की परिपक्वताएं निर्धारित हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था की उत्पादक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तरलता प्रबंधन में सक्रिय और एहतियाती कदम उठाना जारी रखेगा।
संजय खन्ना बने बीपीसीएल के नए चेयरमैन और प्रबंध निदेशक
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने संजय खन्ना को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का नया चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) नियुक्त किया है। वह इस पद पर 31 मई 2029 को अपनी सेवानिवृत्ति तक या अगले आदेश तक बने रहेंगे। खन्ना इससे पहले कंपनी में निदेशक (रिफाइनरीज) के रूप में कार्यरत थे और उनके पास रिफाइनरी संचालन में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कोच्चि रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक के रूप में महामारी के दौरान कंपनी के पहले प्रोपलीन डेरिवेटिव पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट (पीडीपीपी) को सफलतापूर्वक चालू किया था। बीपीसीएल की कुल रिफाइनिंग क्षमता 35.3 एमएमटीपीए है और कंपनी का लक्ष्य 2040 तक नेट जीरो एनर्जी कंपनी बनना है।
इराक से वेस्ट बैंक तक हिंसा, धमाकों और गोलीबारी से फिर भड़का तनाव
बैठक खत्म, सहमति नहीं; कल फिर आमने-सामने होंगे सरकार और CJP
अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, 21 कर्मचारियों की नौकरी जाने पर बढ़ा विवाद
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, विवाहित बेटियों को भी मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार
समुद्र में शक्ति प्रदर्शन! चीन-फिलीपींस विवाद ने फिर बढ़ाया क्षेत्रीय तनाव
तृतीय सोपान एवं निपुण टेस्टिंग कैंप का आगाज, स्काउट्स-गाइड्स करेंगे हुनर का प्रदर्शन
प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सख्ती, इंटरनेट पर पाबंदी और मेट्रो सेवाएं प्रभावित
वकीलों की CJI से गुहार, पीएम आवास के पास प्रदर्शन पर जताई चिंता
फैन की दीवानगी देख हैरान हुईं काजल अग्रवाल, सालों बाद सुनाया दिलचस्प किस्सा
न्यूयॉर्क हमले की जांच तेज, नस्लीय नफरत से जुड़ा हो सकता है मामला