नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति पर मंथन
भोपाल : मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बुधवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की गतिविधियों तथा प्रदेश के नगरीय निकायों की स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान आयोग के सदस्य के.के. सिंह एवं सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे।
प्रस्तुतीकरण में नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने विभागीय योजनाओं, उनके संचालन, बजट प्रावधानों तथा सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत जानकारी आयोग को दी। बैठक में विशेष रूप से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति, स्वयं के राजस्व स्रोतों और आय बढ़ाने के उपायों पर गहन चर्चा की गई।
पवैया ने अधिकारियों से यह भी जाना कि निकाय अपने संसाधनों को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकते हैं और राजस्व संग्रहण को बढ़ाने के लिए कौन-कौन से व्यावहारिक कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही केन्द्र प्रवर्तित एवं राज्य पोषित योजनाओं की प्रगति, बजट आवंटन और व्यय की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में नगरीय निकायों के आय-व्यय प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। आयोग ने निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। आयोग ने अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, आवासीय योजनाओं एवं अन्य मदों में हो रहे व्यय की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
आयोग ने कहा कि निकट भविष्य में नगरीय निकायों के अधिकारियों से सीधे संवाद कर उनकी वास्तविक स्थिति और समस्याओं का आकलन किया जाएगा, जिससे प्रदेश में नगरीय विकास को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जा सके।
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