पत्नी के पैर छूने पर रवि किशन का तर्क, चर्चा में आया बयान
दिल्ली। संसद के नए सत्र में जब 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) पर चर्चा हो रही थी, तब गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज से सदन का माहौल खुशनुमा कर दिया। महिलाओं के सम्मान पर बात करते हुए उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का एक ऐसा उदाहरण दिया जिससे सदन में ठहाके गूंज उठे।
इस चर्चा के प्रमुख और दिलचस्प बिंदु निम्नलिखित हैं:
"पत्नी शक्ति का रूप है, सम्मान में शर्म कैसी?"
चर्चा के दौरान रवि किशन ने पूरी गंभीरता और गर्व के साथ कहा कि वे आज भी अपनी पत्नी के पैर छूते हैं। उन्होंने कहा:
- सम्मान की मिसाल: "मैं अपनी पत्नी का बहुत सम्मान करता हूँ और उनके पैर छूने में मुझे कोई हिचकिचाहट नहीं होती। वे घर संभालती हैं और मेरे लिए शक्ति का साक्षात रूप हैं।"
- सफलता का श्रेय: रवि किशन ने अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी प्रीति को दिया है, और संसद में भी उन्होंने इसे दोहराते हुए कहा कि यह भाजपा के 'संस्कारों' का हिस्सा है।
जगदंबिका पाल का भोजपुरी तड़का
रवि किशन के इस बयान पर सदन का संचालन कर रहे जगदंबिका पाल भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। उन्होंने चुटीले अंदाज में शुद्ध भोजपुरी में प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
- चुकीला बयान: "सांसद महोदय, गइल दूर-दूर तक ई संदेस कि आप पत्नीव्रता हैं (यह संदेश दूर-दूर तक चला गया है कि आप पत्नीव्रता हैं)।"
- राजनीतिक मदद: उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनकी पत्नी उनके लिए चुनाव प्रचार भी करती हैं, जिस पर रवि किशन ने मुस्कुराते हुए सहमति जताई कि उनकी पत्नी की मेहनत से उन्हें भारी संख्या में वोट मिलते हैं।
ऐतिहासिक बिल का समर्थन
यह पूरी बातचीत उस ऐतिहासिक विधेयक के इर्द-गिर्द थी, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला है। रवि किशन ने इस बिल को 'नारी शक्ति' के लिए एक नया सवेरा बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम की सराहना की।
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