बलरामपुर| प्रशासनिक मार्गदर्शन और तकनीकी निगरानी इस महत्वपूर्ण चेकडेम का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी विभाग की तकनीकी निगरानी में किया जा रहा है। बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नयनतारा सिंह तोमर के कुशल मार्गदर्शन में इस परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग और श्रमदान से यह कार्य अपनी पूर्णता की ओर तेजी से अग्रसर है। इस चेकडेम का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का प्रभावी संचयन करना है, जिससे क्षेत्र के भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

सिंचाई संकट का समाधान और लाभान्वित किसान चेकडेम के निर्माण से वर्षा ऋतु के बाद भी नाले में पर्याप्त जल भराव रहेगा, जिससे किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए सिंचाई की निरंतर सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से सीधे तौर पर सुन्दर लाल (0.5 हेक्टेयर), लाल साय (0.65 हेक्टेयर), रामचरण (0.75 हेक्टेयर) और चितरंजन (0.64 हेक्टेयर) समेत दर्जनों किसानों की भूमि सिंचित होगी। इसके अतिरिक्त, आसपास के 20 से 25 अन्य छोटे-बड़े किसानों को भी इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा। ग्रामीणों का कहना है कि पहले पानी की कमी के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता था, लेकिन अब यह समस्या जड़ से खत्म होने वाली है।

विविध फसलों से बढ़ेगी आय और रुकेगा पलायन सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से अब चन्द्रगढ़ के किसान मक्का, गेहूं, सरसों, धान और अरहर जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ व्यावसायिक बागवानी की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। अब यहाँ के खेतों में परवल, भिंडी, बरबटी और मटर जैसी सब्जियों का लहलहाना तय है। मनरेगा के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। साथ ही, अपने ही गांव में काम मिलने के कारण अब ग्रामीणों को काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा, जिससे गांव की सामाजिक और आर्थिक नींव मजबूत होगी।