यूपी में पंचायतों पर नई तैयारी: प्रशासक समिति बनाने पर मंथन
उत्तर प्रदेश: ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने पर विचार, 'प्रशासक समिति' संभाल सकती है कमान
लखनऊ |उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई को पूरा होने जा रहा है। हालांकि, तय समय पर पंचायत चुनाव होने के आसार कम नजर आ रहे हैं। इसी को देखते हुए योगी सरकार पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक समिति की नियुक्ति पर बड़ा फैसला ले सकती है।
चुनाव में देरी के मुख्य कारण
पंचायत चुनावों के टलने के पीछे दो प्रमुख तकनीकी और कानूनी वजहें मानी जा रही हैं:
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पिछड़ा वर्ग आयोग: समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है।
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वोटर लिस्ट: मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख को बढ़ाकर 10 जून कर दिया गया है, जिससे मई-जून में चुनाव कराना असंभव हो गया है।
कौन संभालेगा पंचायत की जिम्मेदारी?
कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों का काम बाधित न हो, इसके लिए सरकार दो विकल्पों पर गौर कर रही है:
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ADOs को कमान: सामान्य नियमों के तहत चुनाव होने तक सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) को प्रशासक नियुक्त किया जाता है।
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प्रशासक समिति (नया विकल्प): सरकार इस बार एक 'प्रशासक समिति' बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस समिति में मौजूदा ग्राम प्रधान को अध्यक्ष बनाया जा सकता है और पंचायत सदस्यों को इसमें शामिल किया जा सकता है। इससे जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बनी रहेगी।
मंत्री का बयान और कानूनी पहलू
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने संकेत दिए हैं कि सरकार का अगला कदम पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों और न्यायालय के निर्देशों के अधीन होगा। वर्तमान में मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी लंबित है, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।
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