पांचवें दिन भी कर्मचारियों की हड़ताल नहीं रुकी
सियोल: सैमसंग ग्रुप की प्रसिद्ध बायोटेक इकाई 'सैमसंग बायोलॉजिक्स' में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जारी कर्मचारियों का आंदोलन अब और तीव्र हो गया है। मंगलवार को कर्मचारियों की पहली आम हड़ताल लगातार पांचवें दिन भी जारी रही, जिसने कंपनी के परिचालन और उत्पादन पर बड़ा प्रभाव डाला है। यूनियन से जुड़े हजारों कर्मचारी अपने वेतन ढांचे में सुधार और प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाले प्रोत्साहन में बड़ी बढ़ोतरी की जिद पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रबंधन के साथ चल रही बातचीत फिलहाल बेनतीजा साबित हो रही है।
वेतन वृद्धि और बोनस की मांगों पर अड़ा श्रमिक संघ
कंपनी की स्थापना के बाद से पहली बार हुई इस हड़ताल में यूनियन के लगभग अट्ठाईस सौ सदस्यों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनके मूल वेतन और परफॉर्मेंस आधारित भुगतान में चौदह प्रतिशत का इजाफा किया जाए। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने प्रत्येक श्रमिक के लिए लगभग बीस हजार अमेरिकी डॉलर के एकमुश्त नकद प्रोत्साहन और कंपनी के वार्षिक परिचालन लाभ के बीस प्रतिशत हिस्से को बोनस के रूप में देने की शर्त रखी है। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने अब तक केवल छह दशमलव दो प्रतिशत की कुल बढ़ोतरी का ही प्रस्ताव दिया है, जिसे यूनियन ने सिरे से खारिज कर दिया है।
हड़ताल से करोड़ों के आर्थिक नुकसान की आशंका
प्रबंधन और यूनियन के बीच जारी इस गतिरोध का सीधा असर कंपनी की वित्तीय स्थिति पर पड़ता दिखाई दे रहा है। कंपनी के सूत्रों के अनुसार, पिछले महीने हुई तीन दिनों की आंशिक हड़ताल से ही लगभग डेढ़ सौ अरब वॉन का भारी नुकसान हुआ था, और अब इस पूर्ण हड़ताल से यह आंकड़ा साढ़े छह सौ अरब वॉन तक पहुँचने की आशंका है। यह विशाल राशि कंपनी की पहली तिमाही की कुल बिक्री के लगभग आधे हिस्से के बराबर है, जो वैश्विक बाजार में सैमसंग बायोलॉजिक्स की साख और आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है।
मध्यस्थता के प्रयास और भविष्य की रणनीति
श्रम मंत्रालय के हस्तक्षेप और मध्यस्थता के अनुरोध के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सहमति का कोई रास्ता नहीं निकल पाया है। कंपनी प्रबंधन ने यूनियन की मांगों को अतार्किक बताते हुए उन्हें सामूहिक कार्रवाई रोककर पुनः काम पर लौटने का आग्रह किया है, जबकि यूनियन ने बुधवार से 'वर्क-टू-रूल' अभियान शुरू करने की चेतावनी दे दी है। इस सप्ताह के अंत में दो और दौर की बैठकों की योजना बनाई गई है, जिसमें मतभेदों को कम करने और किसी ठोस समझौते पर पहुंचने की कोशिश की जाएगी, ताकि विश्व स्तरीय बायोटेक उत्पादन प्रक्रिया को फिर से पटरी पर लाया जा सके।
CJP आंदोलन के बीच बढ़ा विवाद, मेट्रो स्टेशन बंद होने पर CJI ने मांगा समाधान
राजनीतिक प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप, BJP-कांग्रेस भिड़ंत में 16 पुलिसकर्मी जख्मी
होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब पर नजर, बंद हुआ रास्ता तो बढ़ सकती है वैश्विक मुश्किलें
बरगी के सालीवाड़ा में बवाल, दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प; एक की मौत
'जन नायकन' के लीक ने बढ़ाई टेंशन, फिल्म इंडस्ट्री में छिड़ी नुकसान बनाम 'जीरो इम्पैक्ट' की जंग
PM आवास योजना से लेकर जनसमस्याओं तक, शिकायतों के बाद भी निगम प्रशासन बेखबर
ट्रंप की नई टैरिफ नीति से बदलेगा वैश्विक व्यापार, भारत के लिए सुनहरा मौका
जंतर-मंतर प्रदर्शन: CJP बोला- 'ज्यादातर पुलिसकर्मी सुरक्षित, मामूली चोटें आईं'
विपक्ष की मांग के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान पर सरकार का भरोसा बरकरार?
एयरोस्पेस सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग, HAL और Safran समझौते से देश में बनेंगे इंजन पार्ट्स