एएमयूः नर्सों के आंदोलन का चैथा दिन, रजिस्ट्रार कार्यालय पर धरना शुरू
अलीगढ़। एएमयू के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अपनी मांगों को लेकर अड़े नर्सिंग स्टाफ का धरना आज चैथे दिन भी जारी रहा। पूर्व घोषित रणनीति के तहत आंदोलनकारी नर्सों ने आज से अपने प्रदर्शन के अगले चरण की शुरुआत कर दी है।
रजिस्ट्रार कार्यालय पर लगा जमावड़ा
15 मई को मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के बाद, आज यानी 16 मई से नर्सिंग स्टाफ ने रजिस्ट्रार कार्यालय का रुख कर लिया है। एसोसिएशन द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार शनिवार से 25 मई तक चलने वाले 10 दिवसीय निरंतर धरने का पहला दिन शांतिपूर्ण लेकिन बेहद मुखर रहा।
रिंकू चैधरी, महामंत्री, एएमयू नर्सेज एसोसिएशन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लगातार चुप्पी हमारे सब्र का इम्तिहान ले रही है। अगर हमारी जायज मांगों को अनसुना किया गया, तो आंदोलन को और उग्र करने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचेगा।
क्या हैं नर्सिंग स्टाफ की मुख्य मांगें?
नर्सेज एसोसिएशन ने अपनी 5-सूत्रीय जायज मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
ड़ीपीसी पदोन्नति (प्रमोशन) लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया को तुरंत शुरू करना।
एमएसीपी का लाभः वित्तीय उन्नयन योजना (एमएसीपी ) को नियमानुसार लागू करना।
नई भर्तियां, स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए नए पदों पर तत्काल भर्ती।
वेतन विसंगतिः फिक्स सैलरी स्टाफ का वेतन बढ़ाया जाए उनको मेडिकल फैसिलिटी प्रदान किया जाए
भेदभाव का अंतः कार्यस्थल पर किसी भी तरह के भेदभाव को समाप्त करना।
आंदोलन की आगामी रूपरेखा और अंतिम चेतावनी
प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए एसोसिएशन ने अपने अगले कदमों की घोषणा पहले ही कर दी है।
प्रस्तावित कार्यक्रम स्थान
शनिवार से 25 मई रजिस्ट्रार कार्यालय पर 10 दिवसीय निरंतर धरना (जारी)
2 जून बाब-ए-सैयद से रजिस्ट्रार कार्यालय तक विशाल विरोध मार्च
नर्सिंग स्टाफ का साफ कहना है कि वे अस्पताल और स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। लगातार चैथे दिन भी प्रशासन की तरफ से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन बातचीत का रास्ता चुनता है या यह गतिरोध चिकित्सा सेवाओं को प्रभावित करेगा।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, राहुल बोले- PM मोदी माफी मांगें, अमित शाह जिम्मेदार
शरद पवार का खुलासा: PM से हुई चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कहानी में आया मोड़
नौकरी के नाम पर बना बंधक, युवकों की दर्दभरी कहानी सुन पुलिस भी रह गई हैरान
'यहां इस्तीफे नहीं होते'... लेकिन 12 साल में बदलते रहे मंत्री, जानिए पूरी कहानी
सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
'धोखेबाज भतीजे' पर CM शुभेंदु का करारा प्रहार, सेबाश्रय शिविर घोटाले में दी चेतावनी