नंदी और महादेव को समर्पित इस मंदिर का अनोखा रहस्य जानकर रह जाएंगे दंग
कहते हैं कि अगर सच्चे मन और भक्ति भाव से भगवान को केवल जल या तुलसी दल भी समर्पित किया जाए, तो वे उसे सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महादेव और उनके वाहन नंदी को समर्पित एक ऐसा ही प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर है, जो इस बात का जीवंत प्रमाण है। हम बात कर रहे हैं 'पातालेश्वर महादेव मंदिर' की, जहाँ मान्यता है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल सीधे महादेव स्वीकार कर लेते हैं और वह जल पलक झपकते ही गायब हो जाता है।
आइए जानते हैं 7वीं सदी के इस चमत्कारी मंदिर के इतिहास, वास्तुकला और इसके अनसुलझे रहस्यों के बारे में।
जल चढ़ते ही क्यों हो जाता है गायब?
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता और रहस्य यहाँ का शिवलिंग है। भक्तों द्वारा शिवलिंग पर जितना भी जल चढ़ाया जाता है, वह कहाँ जाता है, यह आज तक कोई नहीं जान पाया।
-
पाताल लोक की मान्यता: स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर अर्पित किया गया जल सीधे पाताल लोक में समा जाता है।
-
इसी अनोखे और रहस्यमयी कारण की वजह से इस मंदिर का नाम 'पातालेश्वर महादेव' पड़ा।
एक ही चट्टान को तराशकर बनी है यह अद्भुत कृति
पातालेश्वर महादेव मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह प्राचीन भारतीय वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना भी है:
-
एकश्म पत्थर (Monolithic) वास्तुकला: इस पूरे मंदिर का निर्माण किसी ईंट या गारे से नहीं, बल्कि एक ही विशाल बेसाल्ट चट्टान को ऊपर से नीचे की ओर तराशकर किया गया है।
-
महीन नक्काशी: मंदिर की दीवारों, खंभों और छतों पर की गई बेहद महीन और सुंदर नक्काशी सैलानियों और इतिहासकारों को हैरान कर देती है।
-
इतिहास और निर्माण: इस भव्य मंदिर का निर्माण कल्चुरी काल के दौरान सोमराज नामक ब्राह्मण द्वारा करवाया गया था। इसे राष्ट्रकूट राजवंश के शासनकाल की सबसे उत्कृष्ट कलाकृतियों में से एक माना जाता है। यहाँ भगवान शिव के साथ नंदी जी की भी अत्यंत सुंदर प्रतिमा स्थापित है।
दर्शन मात्र से दूर होते हैं ग्रह-नक्षत्रों के दोष
धार्मिक दृष्टिकोण से इस मंदिर का महत्व बहुत अधिक है। मंदिर को लेकर भक्तों के बीच गहरी आस्था है:
मान्यता: जो भी भक्त यहाँ आकर सच्चे दिल से प्रार्थना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही, यहाँ महादेव के दर्शन करने मात्र से कुंडली के ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ प्रभाव और दोषों से भी हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है।
छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, बेजोड़ वास्तुकला और आध्यात्मिकता को अपने भीतर समेटे यह पातालेश्वर महादेव मंदिर आज भी देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और अगाध श्रद्धा का विषय बना हुआ है।
राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने