संदिग्ध पशु अवशेष मिलने पर बवाल, पुलिस ने आरोपियों पर कसा शिकंजा
खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित सिंहाड़ा गांव में शुक्रवार (29 मई) की आधी रात उस वक्त भारी तनाव और हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई, जब एक मकान के बाहर संदिग्ध बोरियों में पशु के अवशेष और मांस बरामद हुआ। ग्रामीणों को एक घर के सामने तीन संदिग्ध बोरियां दिखाई दी थीं, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और संदिग्ध परिसर की सघन तलाशी ली। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से चार मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है।
संदेह होने पर भागे संदिग्ध, बोरियों से खुला राज
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, देर रात गांव के कुछ सजग नागरिकों ने एक घर के बाहर संदिग्ध हलचल देखी। जैसे ही ग्रामीण उस ओर बढ़े, वहां मौजूद कुछ संदिग्ध व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। जब लोगों ने वहां छोड़ी गई बोरियों को खोलकर देखा, तो उनमें पशु के अवशेष और मांस भरा हुआ था। घटना की भनक लगते ही मोघट थाना प्रभारी धीरेश धारवाल और नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने बढ़िया तुला गांव के आठ युवकों को इस मामले में नामजद किया है।
मांस परीक्षण के लिए लैब भेजा गया, आरोपियों को जिलाबदर करने की मांग
बजरंग दल ने जताया कड़ा विरोध घटना के विरोध में स्थानीय संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश व्यक्त किया है। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल जिलाबदर (शहर से निष्कासित) करने की मांग प्रशासन के सामने रखी है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस कृत्य के पीछे के मुख्य उद्देश्य और उनके पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस का बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर खंडवा के एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष विंग और थाना प्रभारी मौके पर सक्रिय हो गए थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। घटना स्थल से बरामद मांस का पशु चिकित्सकों के माध्यम से प्रारंभिक मुआयना कराने के बाद उसे विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण (पीएम) के लिए मुख्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
एडिशनल एसपी के मुताबिक, दर्ज एफआईआर (FIR) में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान इस साजिश में शामिल मिलने वाले किसी भी अन्य सह-आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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